पटना, 6 जुलाई 2025: राजधानी पटना के व्यस्त इलाके में जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के बाद बिहार की कानून व्यवस्था पर गहन सवाल खड़े हो गए हैं। जहां विपक्षी नेता लगातार सरकार को घेरे हुए हैं, वहीं अब एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता जताई है।
चिराग पासवान ने जताई गंभीर चिंता
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घटना को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा:
“जिस तरह बिहार में अपराध बढ़े हैं और कानून व्यवस्था ध्वस्त हुई है, वह बेहद गंभीर मामला है। अगर राजधानी पटना के पॉश इलाकों में ऐसी वारदात हो सकती है, तो सोचिए गांवों में क्या हाल होगा।”
हालांकि चिराग ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि “सुशासन के लिए जानी जाने वाली सरकार के राज में इस तरह की घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल रहा है और ऐसे में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
एलजेपी सांसद का भी तीखा हमला
इससे पहले, चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने भी गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला था। उन्होंने कहा था:
“बिहार में व्यापारी और वैश्य समाज सुरक्षित नहीं है। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।”
विपक्ष लगातार हमलावर
खेमका हत्याकांड के बाद से तेजस्वी यादव, पप्पू यादव, और राजेश राम समेत कई विपक्षी नेता नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि जब पटना में थाना से चंद कदम की दूरी पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो राज्य के अन्य हिस्सों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।
SIT कर रही जांच, सरकार दबाव में
उधर, सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा था कि “अपराधी चाहे पाताल में हों, उन्हें खोजकर सलाखों के पीछे डाला जाएगा।”
बहरहाल, एक बड़े कारोबारी की हत्या ने न केवल राजनीतिक माहौल गरमा दिया है, बल्कि व्यापारी वर्ग में भी डर और असुरक्षा का माहौल गहरा कर दिया है।


