परिवार की आंखों में खुशी के आंसू, मां की यादें ताजा
भागलपुर, 14 सितंबर।नवगछिया के पकरा गांव निवासी हरिशंकर प्रसाद सिंह की जिंदगी 21 साल बाद खुशियों से भर गई। उनका बेटा सोनू कुमार उर्फ मनोज कप्तान, जो अप्रैल 2004 में रक्सौल से गायब हो गया था, शुक्रवार शाम अचानक परिवार के सामने आया।
21 साल की खोज का अंत
सोनू जब महज आठ-नौ साल का था, तब उसकी बुआ निर्मला देवी किसी रिश्तेदार के घर गई थीं। लौटने पर सोनू वहां नहीं मिला। इसके बाद पूरे परिवार ने गांव-गांव, शहर-शहर और नेपाल तक बेटे को ढूंढ़ा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बेटे की जुदाई का दर्द इतना गहरा था कि उनकी मां दो साल पहले इस दुनिया से विदा हो गई थीं।
अचानक आई खुशखबरी
शुक्रवार की शाम हरिशंकर को एक तस्वीर दिखाई गई और बताया गया कि यह उनका खोया बेटा सोनू है और वह धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है। तस्वीर देख हरिशंकर सन्न रह गए।
पिता और बेटे की पुनर्मिलन की घड़ी
अगले दिन परिवार धनबाद पहुंचा और अस्पताल में सोनू को पहचाना। बेटे को देखकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू बह निकले। 21 साल बाद यह पुनर्मिलन परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था।


