बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा देने पर फोकस बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी योजना लॉन्च की है।इस योजना के तहत किसान और निवेशक गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने पर 1 करोड़ रुपये तक का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 नवंबर तक लिए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इस स्कीम से गन्ना किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
क्या है सरकार की नई गुड़ उत्पादन प्रोत्साहन योजना?
बिहार सरकार ने राज्य में गुड़ उद्योग को आधुनिक और लाभदायक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत नई गुड़ उत्पादन इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस योजना में पूंजी लागत का 50% तक अनुदान देने का प्रावधान है, जो पेराई क्षमता के अनुसार इस प्रकार निर्धारित है—
अनुदान का स्लैब (पेराई क्षमता के अनुसार)
- 5–20 टन प्रतिदिन → अधिकतम ₹6 लाख
- 21–40 टन प्रतिदिन → अधिकतम ₹15 लाख
- 41–60 टन प्रतिदिन → अधिकतम ₹45 लाख
- 60 टन से अधिक प्रतिदिन → अधिकतम ₹1 करोड़
किसान और निवेशक ऐसे करें आवेदन
इच्छुक आवेदक ccs.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह आवेदन सप्तम चरण के तहत लिए जा रहे हैं और अंतिम तिथि 25 नवंबर 2025 निर्धारित है।
अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के:
- ईख पदाधिकारी, या
- सहायक निदेशक (गन्ना)
से संपर्क कर सकते हैं।
योजना से क्या होगा फायदा?
सरकार का मानना है कि यह परियोजना बिहार में ग्रामीण उद्योगों को नई दिशा देगी और कई स्तरों पर लाभ पहुंचाएगी—
✔ गन्ना किसानों की आय में वृद्धि
✔ ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना
✔ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन
✔ राज्य में गुड़ उत्पादन और निर्यात में बढ़ोतरी
✔ छोटे किसानों को बड़े बाजार से जोड़ने का अवसर


