आईआईटी(आईएसएम) धनबाद के शताब्दी समारोह में बोले: “21वीं सदी में राष्ट्र की संप्रभुता ऊर्जा, तकनीक और संसाधन क्षमता पर निर्भर”
धनबाद | 9 दिसंबर 2025: आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित भव्य समारोह में अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने देश के विकास मॉडल को लेकर बेहद अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक शक्तियाँ अपने हित साधने में लगी हैं और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन कमजोर पड़ रहे हैं, भारत को अपने विकास पथ का फैसला खुद करना होगा।
“भारत को वही करना चाहिए जो भारत के हित में हो” — गौतम अडाणी
अडाणी ने कहा—
“21वीं सदी में किसी भी राष्ट्र की वास्तविक संप्रभुता उसकी ऊर्जा सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधन क्षमता और तकनीकी शक्ति पर निर्भर करेगी। इसलिए भारत को सिर्फ वही करना चाहिए जो भारत के हित में हो।”
उन्होंने याद दिलाया कि आईएसएम धनबाद की नींव एक सदी पहले राष्ट्र की दूरदर्शिता को ध्यान में रखते हुए रखी गई थी।
“यदि हम अपने पैरों के नीचे बसे संसाधनों को समझेंगे और ऊर्जा तंत्रों पर नियंत्रण रखेंगे, तभी आर्थिक स्वतंत्रता की मजबूत नींव रख पाएंगे।”
अडाणी ने चेताया—“नैरेटिव कोलोनाइजेशन से सावधान रहें”
अडाणी ने यह भी कहा कि विकसित राष्ट्र, जिन्होंने दशकों तक भारी प्रदूषण फैलाया, अब विकासशील देशों को “उपदेश” देने लगे हैं।
उन्होंने कहा—
“अगर हमने अपनी कथा का स्वामित्व नहीं लिया, तो हमारी आकांक्षाओं को अवैध बताया जाएगा और हमारे विकास के अधिकार को वैश्विक अपराध की तरह पेश किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि—
- भारत दुनिया के सबसे कम प्रति व्यक्ति उत्सर्जन करने वाले देशों में शामिल है।
- 50% से अधिक नॉन-फॉसिल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी भारत पहले ही हासिल कर चुका है।
- इसके बावजूद वैश्विक ईएसजी फ्रेमवर्क भारत के प्रयासों को कमतर आंकते हैं।
ऊर्जा सुरक्षा पर ज़ोर, कार्माइकल खदान और खवड़ा प्रोजेक्ट का उल्लेख
अडाणी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की कार्माइकल खदान भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक प्रोजेक्ट था, हालांकि इसे “सदी के सबसे विवादास्पद पर्यावरणीय संघर्षों में से एक” बताया गया।
उन्होंने गुजरात में बन रहे 30 GW के विशाल खवड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क की भी चर्चा की—
यह दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स में एक है और इसके कई हिस्से अब चालू हो गए हैं।
आईआईटी(आईएसएम) धनबाद के लिए दो बड़ी घोषणाएँ
गौतम अडाणी ने मंच से संस्थान को दो बड़े तोहफे दिए—
1️⃣ हर साल 50 पेड इंटर्नशिप
जिसमें प्री-प्लेसमेंट ऑफर का अवसर भी शामिल होगा।
2️⃣ ‘अडाणी 3S माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर’ की स्थापना
टेक्समिन के सहयोग से बनने वाले इस सेंटर में होगा—
- मेटावर्स लैब
- ड्रोन फ्लीट
- प्रिसिजन माइनिंग टेक्नोलॉजी
- सिस्मिक सेंसिंग सिस्टम
यह केंद्र भविष्य की माइनिंग तकनीक का हब बनेगा।
“यह भारत का दूसरा स्वतंत्रता संग्राम है”— अडाणी
अडाणी ने कहा—
“अब हमारी लड़ाई आर्थिक और संसाधन संप्रभुता की है। बिना खनन के नई अर्थव्यवस्था भी असंभव है।”
उन्होंने छात्रों को संदेश दिया—
“डर के बिना सपने देखें, नवाचार को अपनाएँ और आत्मनिर्भर भारत के ‘कोर के कस्टोडियन’ बनें।”


