• परियोजना को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, बाढ़ नियंत्रण व सिंचाई क्षमता में होगा सुधार
• कमला नदी के जल का बेहतर उपयोग होगा संभव, क्षेत्रीय किसानों को मिलेगा लाभ
पटना, 31 जुलाई 2025:बिहार सरकार ने दरभंगा जिले में जल संसाधन एवं बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में एक और अहम कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि बेनीपुर प्रखंड के धेरूख ग्राम में पुरानी कमला नदी पर गेटेड वीयर (Gated Weir) तथा उससे जुड़े अन्य निर्माण कार्यों के लिए ₹26.26 करोड़ की योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है।
क्या है गेटेड वीयर परियोजना का उद्देश्य?
इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- स्थानीय सिंचाई क्षमता को बढ़ाना
- बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करना
- जल संचयन की प्रभावशीलता में सुधार
- कमला नदी के जल का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना
इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में कृषि उत्पादकता को बल मिलेगा और किसानों को सिंचाई के लिए निर्बाध जल आपूर्ति संभव हो सकेगी।
बाढ़ नियंत्रण में आ रहा बदलाव
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार बाढ़ प्रबंधन को एक दृष्टिकोणात्मक नीति के रूप में देख रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा:
“2007-08 में नेपाल से जब 1.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, तब राज्य के 15 जिले बुरी तरह बाढ़ से प्रभावित हुए थे। लेकिन पिछले वर्ष जब 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, तो सिर्फ 156 गांवों में ही पानी घुसा। यह दर्शाता है कि अब बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ हो चुकी है।”
उन्होंने कहा कि जहाँ पहले बाढ़ विभीषिका मानी जाती थी, वहीं अब उचित प्रबंधन के ज़रिए यही जल सिंचाई और जल संचयन का साधन बन रहा है।
स्थानीय विकास को मिलेगा बल
गेटेड वीयर परियोजना से:
- दरभंगा के धेरूख व आसपास के गाँवों को राहत मिलेगी
- वर्षाजल का बेहतर उपयोग होगा
- खेतों में वर्ष भर सिंचाई संभव होगी
- बाढ़ से होने वाले नुक़सान में कमी आएगी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में सरकार हर ज़िले में जल संसाधन संरचनाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में और भी कदम उठाने जा रही है। कमला नदी पर बनने वाला यह गेटेड वीयर परियोजना बिहार के आपदा प्रबंधन, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।


