पैक्स के जरिए बदल रही बिहार के गांवों की तस्वीर: सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार

• एमएसपी पर 39.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद, किसानों को 9120 करोड़ का भुगतान

• 4883 पैक्स केंद्र बने डिजिटल ई-सेवा हब, 4.5 करोड़ से अधिक का हुआ कारोबार

पटना, 31 जुलाई 2025: बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीतियों और पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) व्यवस्था के विस्तार से बिहार के ग्रामीण इलाकों में परिवर्तन की नई लहर आई है। उन्होंने कहा कि गांवों में डिजिटल सेवाओं, सीधा भुगतान व्यवस्था और सहकारिता मॉडल के जरिए किसान सशक्त हो रहे हैं।


धान खरीद में रिकॉर्ड – 9120 करोड़ सीधे किसानों के खाते में

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 4.63 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 39.23 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और किसानों को सीधे ₹9120 करोड़ का भुगतान हुआ।


बिना प्रीमियम वाली फसल सहायता योजना बनी वरदान

राज्य सरकार की बिहार राज्य फसल सहायता योजना किसानों के लिए संकट की घड़ी में सुरक्षा कवच बनी है।

  • योजना में कोई प्रीमियम या शुल्क नहीं लिया जाता।
  • अब तक 33.14 लाख किसानों को ₹2199.58 करोड़ की सहायता दी गई है।
  • 20% से अधिक क्षति पर ₹10,000/हेक्टेयर, और
  • 20% तक की क्षति पर ₹7500/हेक्टेयर की दर से सहायता दी जा रही है।

पैक्स बने डिजिटल ई-सेवा केंद्र

राज्य के 4883 पैक्स केंद्रों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से जोड़ा गया है, जहाँ से ग्रामीणों को अब 300 से अधिक सरकारी एवं वित्तीय सेवाएँ मिल रही हैं। इनमें शामिल हैं:

  • आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र
  • बैंकिंग व बीमा सेवाएँ
  • अन्य नागरिक सुविधा सेवाएँ
    अब तक इन केंद्रों से ₹4.5 करोड़ से अधिक का डिजिटल लेन-देन हो चुका है।

सब्जी उत्पादक सहकारी समितियाँ बनीं किसानों की ताकत

519 प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियाँ गठित की गई हैं।
इनके जरिए 48,000 से अधिक सब्जी उत्पादक किसानों को उत्पादन व विपणन में मदद मिल रही है, जिससे आय में सीधा लाभ हुआ है।


4477 पैक्सों का कंप्यूटरीकरण और जन-औषधि केंद्रों की शुरुआत

तकनीकी सशक्तिकरण के तहत अब तक 4477 पैक्सों का कंप्यूटरीकरण किया जा चुका है।

  • 201 पैक्सों को जन-औषधि केंद्र के लिए चयनित किया गया है, जिनमें से 17 केंद्र कार्यरत हैं।

भंडारण क्षमता में हुआ इजाफा

6123 गोदामों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे 16.91 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण क्षमता विकसित की गई है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹180 करोड़ की लागत से 278 नए गोदामों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।


कृषि उपकरण बैंक से बढ़ी आधुनिक खेती

2976 पैक्सों में कृषि उपकरण बैंक की स्थापना से किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों की सुलभता हुई है। इससे छोटे व मध्यम किसान भी आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पैक्स अब केवल खरीद-बिक्री केंद्र नहीं, बल्कि गांवों के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के हब बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सहकारिता और तकनीक का यह गठबंधन आने वाले समय में बिहार के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।


 

  • ये भी पढ़े..

    पटना में 23 हजार से अधिक वाहन ब्लैकलिस्ट, परिवहन विभाग की सख्ती बढ़ी

    Share Add as a preferred…

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, CBI जांच की मांग पर आज सुनवाई

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *