भागलपुर | 14 अगस्त 2025: फरक्का बराज के 108 गेट खुलने के बावजूद भागलपुर में गंगा का जलस्तर धीमी रफ़्तार से घट रहा है, जिससे राहत की उम्मीदें फिलहाल सीमित हैं। सुल्तानगंज, भागलपुर और कहलगांव के साथ इस्माईलपुर-बिंदटोली जैसे गेज स्थलों पर अब भी पानी लाल निशान से ऊपर बह रहा है। पिछले 24 घंटे में भागलपुर में 11 सेमी और कहलगांव में 14 सेमी की कमी आई है, मगर गंगा यहां लाल निशान से क्रमशः 77 सेमी और 1.51 मीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग ने अगले 24 घंटे में भागलपुर में 18 सेमी और कहलगांव में 10 सेमी और कमी की संभावना जताई है।
शहर की सड़कों पर बाढ़ का असर
जलस्तर में कमी के साथ शहर की कई सड़कों से पानी उतरने लगा है, लेकिन बाढ़ की तबाही अब साफ नज़र आने लगी है। साहिबगंज चौक के पास सड़क धंसने की घटना सामने आई है, जबकि विश्वविद्यालय अतिथि गृह के पास से पानी तो उतर गया है, लेकिन नरगा सरस्वती मंदिर के आसपास अब भी जलभराव है। भवनाथपुर के पास एनएच 80 पर पानी कम होने के बावजूद छोटे वाहन अब भी कठिनाई से गुजर रहे हैं।
कटाव और तटबंध की चुनौती
इस्माईलपुर-बिंदटोली में कटाव से क्षतिग्रस्त रिंगबांध की मरम्मत युद्ध स्तर पर चल रही है। एक दर्जन से अधिक ठेकेदार इसमें जुटे हैं, वहीं काजी करैया बांध को जियो बैग से मजबूती दी जा रही है। पीरपैंती में बाढ़ के पानी से तीन कच्चे मकान ढह गए, जबकि कहलगांव और पीरपैंती के दियारा क्षेत्रों में पानी का दबाव धीरे-धीरे घट रहा है। जल संसाधन विभाग का अनुमान है कि 15 अगस्त तक गंगा का जलस्तर उतार-चढ़ाव भरा रहेगा।
ग्रामीणों की मिली-जुली राहत
अकबरनगर और आसपास के दियारा क्षेत्रों में गंगा व चांदन नदी का जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, लंबे समय तक पानी में डूबी दाल, तिलहन और धान की फसलें अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। पशुचारे और ठहरने की समस्या अब भी जस की तस है।
फोरलेन और आवागमन पर संकट
नाथनगर प्रखंड के बिहारीपुर के पास फोरलेन सड़क पर बाढ़ का पानी अब भी मौजूद है, जिससे यातायात बाधित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर फिर बढ़ा, तो फोरलेन पूरी तरह डूब सकता है और आवाजाही ठप हो जाएगी।
राहत कार्य और लापरवाही के आरोप
सुल्तानगंज व पीरपैंती के बाढ़ग्रस्त इलाकों में कई जगह सामुदायिक रसोई तो चल रही है, मगर ठहरने के लिए शिविर और प्लास्टिक शीट उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। गोराडीह में कहलगांव विधायक पवन कुमार यादव ने मोहनपुर पंचायत में राहत सामग्री समय पर न पहुंचने पर सीओ को फटकार लगाई।
पशुचारे का वितरण
पीरपैंती प्रखंड में पशु चिकित्सा विभाग ने 113 मवेशी पालकों को 55 क्विंटल चारा वितरित किया है। हालांकि, कई पंचायतों में अब भी चारे की कमी बनी हुई है।
सरकारी निगरानी
जिला प्रशासन का दावा है कि डीएम, बीडीओ और सीओ लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री रोजाना हालात की रिपोर्ट ले रहे हैं, जबकि नगर परिषद धर्मशालाओं में प्रभावित लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है।


