
बिहार के मोकामा में एक बार फिर गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आई है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह के करीबी समर्थक और सरपंच पति मुकेश कुमार पर कुख्यात सोनू-मोनू गैंग द्वारा फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। 22 मई को मुकेश कुमार ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी की तारीफ की थी। इसी पोस्ट पर सोनू-मोनू गैंग के पिता प्रमोद सिंह ने आपत्ति जताई और पोस्ट हटाने को कहा।
मुकेश कुमार का आरोप है कि उन्होंने पोस्ट हटाने से इनकार कर दिया क्योंकि उसमें किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद प्रमोद सिंह ने अपने बेटों सोनू और मोनू को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में गैंग के अन्य सदस्य भी पहुंच गए और मुकेश कुमार पर फायरिंग कर दी। हालांकि वह बाल-बाल बच गए।
घटना पंचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की बताई जा रही है। मुकेश कुमार ने बताया कि फायरिंग होते ही उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी फरार हो गए।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब पुलिस सोनू-मोनू गैंग के घर दबिश देने पहुंची। आरोप है कि घर के बाहर मौजूद महिलाओं ने पुलिस को अंदर जाने से रोक दिया। करीब आधे घंटे तक बहस चलती रही और इसी दौरान आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गैंग के समर्थकों ने पुलिसकर्मियों की ही तलाशी ली। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों की जांच के बाद ही उन्हें घर में प्रवेश करने दिया गया। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद हाथीदह, मरांची और पंचमहला समेत कई थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। एसडीपीओ रामकृष्णा ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और इसी दौरान सोनू कुमार द्वारा हवाई फायरिंग की गई। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच जारी है।
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी 2025 में हुए नौरंगा गोलीकांड में भी अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग आमने-सामने आए थे। उस घटना में दोनों पक्षों के बीच करीब 100 राउंड फायरिंग हुई थी। तब भी पूरे बिहार में यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
मोकामा में लंबे समय से वर्चस्व की यह लड़ाई जारी है। ऐसे में ताजा फायरिंग की घटना ने एक बार फिर इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


