
भागलपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र अजगैबीनाथ धाम पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगने लगा है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और नेपाल से आने वाले कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है, जिससे गंगा घाट और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्रावणी मेले के औपचारिक शुभारंभ से पहले ही यहां भक्तों की चहल-पहल तेज हो गई है और पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आ रहा है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। यहां उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र स्नान करने के बाद श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर पवित्र गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अपनी कांवड़ यात्रा शुरू कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, इसलिए श्रावणी महीने में यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
श्रावणी मेले की तैयारियों के बीच अजगैबीनाथ धाम के घाटों पर सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर अपनी यात्रा का संकल्प ले रहे हैं। मंदिर परिसर में हर ओर “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना है।
इसी धार्मिक माहौल के बीच सामाजिक सरोकार से जुड़ा एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिछो निवासी और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विनीता सिंह तथा उनके पुत्र मंजीत सिंह की ओर से महिलाओं के सम्मान में साड़ी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं को साड़ी भेंट की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं और इस पहल की सराहना की।
साड़ी वितरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्यक्रम न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी होते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी महिलाओं को सम्मानपूर्वक साड़ी प्रदान की गई और उनके सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विनीता सिंह ने बताया कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सहयोग की भावना से यह कार्यक्रम पिछले लगभग दस वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष श्रावणी मेले के अवसर पर क्षेत्र की हजारों महिलाओं के बीच साड़ी वितरण किया जाता है। उनका उद्देश्य केवल वस्त्र वितरण करना नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान और समाज में उनकी भूमिका को स्वीकार करना भी है।
उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। परिवार से लेकर समाज तक हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। ऐसे में उनका सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक भगवान भोलेनाथ की कृपा बनी रहेगी, तब तक यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मौजूद मंजीत सिंह ने भी इस अवसर पर सामाजिक एकजुटता और सेवा की भावना पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज सेवा और मानवता के कार्यों का भी अवसर होता है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष लोगों के सहयोग से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाई जा सके।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर सेवा कार्य करने से सामाजिक समरसता मजबूत होती है। उनका मानना है कि जरूरतमंद लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा मानव धर्म है और ऐसे कार्यक्रम लोगों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास को भी बढ़ाते हैं।
साड़ी प्राप्त करने वाली महिलाओं ने भी अपनी खुशी व्यक्त की। ग्रामीण अमृता देवी सहित कई महिलाओं ने कहा कि उन्हें सम्मानपूर्वक साड़ी मिलने से बेहद खुशी हुई है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रावणी मेले के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक सेवा के कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किए जाते हैं। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलता है। महिलाओं के सम्मान में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी परंपरा का हिस्सा माना जा रहा है।
उधर, अजगैबीनाथ धाम में श्रावणी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, यातायात, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। गंगा घाटों पर भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धार्मिक जानकारों का कहना है कि श्रावणी मेला केवल बिहार ही नहीं, बल्कि देश और पड़ोसी देशों के श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पश्चिम बंगाल और नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इस मेले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और अधिक व्यापक बनाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु अजगैबीनाथ धाम से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करते हैं।
फिलहाल अजगैबीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और महिलाओं के सम्मान में आयोजित सामाजिक कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को उत्साह और आस्था से भर दिया है। एक ओर शिवभक्ति का वातावरण लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है तो दूसरी ओर समाज सेवा की ऐसी पहल मानवता और सामाजिक सहयोग का प्रेरणादायक संदेश दे रही है। आने वाले दिनों में श्रावणी मेले के औपचारिक शुभारंभ के साथ यहां श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।


