झारखंड की नकली शराब फैक्ट्री से पूर्व RJD MLC सुबोध राय गिरफ्तार, बिहार में भी एक्शन तेज; शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

पटना/रांची: झारखंड के रांची जिले में नकली विदेशी शराब बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद बिहार की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। झारखंड पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधान परिषद सदस्य सुबोध राय को गिरफ्तार किया गया है। उनके साथ निजी चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत को भी हिरासत में लिया गया है।

झारखंड में कार्रवाई के बाद अब बिहार पुलिस भी सक्रिय हो गई है और अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क की जांच के लिए कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

कौन हैं सुबोध राय?

सुबोध राय वैशाली से 2016 से 2022 तक RJD के एमएलसी रह चुके हैं। उनका नाम RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी नेताओं में लिया जाता रहा है। वर्ष 2022 के विधान परिषद चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

अब नकली शराब फैक्ट्री मामले में गिरफ्तारी के बाद उनका नाम एक बड़े अवैध शराब नेटवर्क से जुड़ने की आशंका जताई जा रही है।

नकली विदेशी ब्रांड के नाम पर तैयार होती थी शराब

झारखंड पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में कम गुणवत्ता वाली शराब तैयार कर उस पर नामी विदेशी ब्रांडों के नकली लेबल लगाए जाते थे। इसके बाद शराब को महंगे दामों पर बाजार में बेचा जाता था।

बोतलों पर “For Sale Only in UP” लिखा होता था, जिससे आशंका है कि शराब उत्तर प्रदेश के साथ-साथ शराबबंदी वाले बिहार में भी अवैध तरीके से पहुंचाई जाती थी।

पहले भी हो चुकी थी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब इस फैक्ट्री पर कार्रवाई हुई हो। वर्ष 2023 में भी इसी परिसर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई थी। उस समय फैक्ट्री को कारण बताओ नोटिस जारी कर बंद कराया गया था।

हालांकि जांच एजेंसियों के अनुसार बाद में यहां फिर से शराब उत्पादन और पैकेजिंग का काम शुरू कर दिया गया, जिसके बाद एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की गई।

बिहार पुलिस ने बनाई विशेष टीम

झारखंड में गिरफ्तारी के बाद बिहार के वैशाली जिले की पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है।

वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने बताया कि सुबोध राय के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि झारखंड की इस फैक्ट्री से बिहार के किन-किन जिलों में अवैध शराब की सप्लाई की जाती थी।

SP ने क्या कहा?

वैशाली एसपी शुभांक मिश्रा ने कहा,

“पुलिस यह पता लगा रही है कि इस प्लांट से बिहार के किन-किन जिलों में अवैध शराब की सप्लाई होती थी। झारखंड में शराब बनाई जाती थी, इसलिए बिहार में तस्करी से जुड़े मामलों की भी जांच की जाएगी। जो भी इसमें दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क की जांच

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल नकली शराब बनाने का मामला नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। झारखंड और बिहार पुलिस अब मिलकर पूरे सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है।

  • ये भी पढ़े..

    झारखंड में जिला स्तर तक होगा WJAI का विस्तार, वेब पत्रकारों को मजबूत मंच देने की दिशा में संगठन ने तेज की तैयारी

    Share Add as a preferred…