
नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित कानूनविद, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का आज निधन हो गया। उनके जाने से राजनीतिक और विधिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शाम साढ़े चार बजे उनका अंतिम संस्कार लोधी रोड श्मशान घाट में किया जाएगा।
स्वराज कौशल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज के पिता थे। बेटी के लिए यह क्षति बेहद गहरा आघात है और परिवार में मातम का माहौल है।
BJP दिल्ली ने दी श्रद्धांजलि
BJP दिल्ली इकाई ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर स्वराज कौशल के निधन की पुष्टि करते हुए लिखा—
“सांसद एवं प्रदेश मंत्री सुश्री बांसुरी स्वराज जी के पिताजी श्री स्वराज कौशल जी का आज 4 दिसंबर 2025 को दुखद निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार सायं 4:30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा।”
कानून और राजनीति में लंबा सफर
स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली और पंजाब विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की और बाद में वकालत के क्षेत्र में कदम रखा।
उनकी पहचान देश के शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों में होती थी और वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में प्रसिद्ध थे।
- 6 वर्ष तक राज्यसभा सांसद रहे
- मिजोरम के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला
- सबसे कम उम्र में राज्यपाल बनने वाले व्यक्तियों में शामिल रहे
कानून, प्रशासन और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
व्यक्तिगत जीवन: सुषमा स्वराज के जीवनसाथी
स्वराज कौशल और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विवाह वर्ष 1975 में हुआ था। दोनों भारतीय राजनीति की सबसे सम्मानित और चर्चित जोड़ियों में गिने जाते थे।
सुषमा स्वराज के निधन के बाद से स्वराज कौशल अक्सर उनकी यादों और सार्वजनिक जीवन को लेकर चर्चाओं में बने रहते थे।
उनकी बेटी बांसुरी स्वराज वर्तमान में दिल्ली से सांसद हैं और पिता की मृत्यु की खबर सुनकर सदमे में हैं।
श्रद्धांजलि देने उमड़ी लोगों की भीड़
जैसे ही स्वराज कौशल के निधन की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई।
कई वरिष्ठ नेता, वकील और समर्थक परिवार के निवास स्थान पर पहुँचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
आज होगा अंतिम संस्कार
परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज 4 दिसंबर की शाम 4:30 बजे,
लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा।
राजनीतिक जगत, न्यायिक समुदाय और देशभर के लोगों ने स्वराज कौशल के निधन को एक बड़ी क्षति बताया है।


