एनडीए सरकार में पहली बार BJP विधायक की सदस्यता रद्द, आपराधिक मामले में कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा

📍 स्थान: दरभंगा, बिहार | 🗓️ तिथि: 21 जून 2025

समाचार विवरण:

बिहार की सियासत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। यह फैसला विधायक को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने और सजा मिलने के बाद लिया गया है। यह घटना एनडीए सरकार के कार्यकाल में पहली बार है जब किसी बीजेपी विधायक की सदस्यता रद्द की गई हो।

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क्या है पूरा मामला?

मामला रैयाम थाना कांड संख्या 04/19 से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 29 जनवरी की सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान गोसाईं टोल के पास भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव और उनके साथियों ने उमेश मिश्र को घेरकर हमला किया था।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि मिश्रीलाल यादव ने फरसे से सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सुरेश यादव और अन्य लोगों ने रॉड और लाठी से मारपीट की, और पीड़ित की जेब से ₹2,300 भी छीन लिए।

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कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा

इस मामले में दरभंगा व्यवहार न्यायालय की एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। 27 मई 2025 को एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने विधायक मिश्रीलाल यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दो साल की सजा और ₹1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

ज्ञात हो कि इससे पहले भी इसी मामले में उन्हें तीन महीने की सजा और ₹500 जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी थी।

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सजा के बाद रद्द हुई सदस्यता

कोर्ट से सजा मिलने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष ने विधायक की सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी किया। इसकी अधिसूचना प्रभारी सचिव ख्याति सिंह के हस्ताक्षर से जारी हुई। वर्तमान में मिश्रीलाल यादव दरभंगा मंडल कारा में न्यायिक सजा भुगत रहे हैं।

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राजनीतिक हलकों में हलचल

एनडीए सरकार के कार्यकाल में किसी बीजेपी विधायक की सदस्यता रद्द होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में विपक्ष द्वारा सरकार पर सवाल उठाने की संभावना भी तेज हो गई है।

📌 मुख्य बिंदु:

  • दरभंगा के अलीनगर से BJP विधायक मिश्रीलाल यादव की सदस्यता रद्द
  • 2019 के मारपीट मामले में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा
  • ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया
  • विधानसभा अध्यक्ष ने सजा के आधार पर सदस्यता रद्द की
  • एनडीए सरकार में पहली बार किसी बीजेपी विधायक की गई सदस्यता समाप्त
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