भागलपुर में बाढ़ की मार अब सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर के आलीशान मोहल्ले भी पानी-पानी हो गए हैं। गंगा के उफान ने शहर की शान मानी जाने वाली बैंक कॉलोनी को पूरी तरह घेर लिया है। कभी शांत और साफ-सुथरी गलियों में अब गंगा की लहरें हिलोरें मार रही हैं, और लोगों के घरों में पानी ऐसे घुस गया है जैसे किसी ने नल का टैंकर खोल दिया हो।
कीमती सामान डूबा, घर बने तालाब
बाढ़ का पानी न केवल सड़कों पर बल्कि घरों के अंदर तक पहुंच गया है। महंगे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े, और रोजमर्रा का सारा जरूरी सामान भीगकर खराब हो रहा है। लोग अपने ही घर में तैरते बिस्तरों और डूबते फ्रिज को देखकर लाचार हैं। कई मकानों के ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं, और लोग ऊपरी मंजिलों में कैद होकर रह गए हैं।
नाव नहीं, राहत भी दूर
सबसे बड़ी समस्या यह है कि इलाके में नाव की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। लोग घंटों पानी में पैदल चलकर किराना और पीने का पानी ला रहे हैं। बढ़ते जलस्तर के बीच राहत और बचाव दल का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। कई परिवार ऐसे हैं जो तीन-चार दिन से पानी के बीच फंसे हैं, लेकिन अब तक किसी सरकारी मदद का हाथ उनके दरवाजे तक नहीं पहुंचा है।
हालात और बिगड़ने का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में बैंक कॉलोनी समेत आसपास के कई इलाके पूरी तरह कट सकते हैं। लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगह जाने की सोच रहे हैं, लेकिन सुरक्षित जगह भी कम पड़ रही है।
भागलपुर की इस ‘पॉश कॉलोनी’ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें गाड़ियों की जगह गलियों में नावें चलाने की बातें हो रही हैं। फिलहाल शहर में चिंता और दहशत का माहौल है।


