पटना। बिहार में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने जा रहा है। स्पिरिट एयर एलएलपी जल्द ही राज्य के विभिन्न छोटे हवाई अड्डों से छोटे विमानों की वाणिज्यिक उड़ानें शुरू करने जा रही है। इस संबंध में मंगलवार को मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्पिरिट एयर एलएलपी के प्रमोटर कैप्टन सुबोध वर्मा ने प्रस्तावित योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी बिहटा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, वीरपुर (सुपौल) और सहरसा से छोटे विमानों के संचालन की तैयारी में है। इसके लिए एयरक्राफ्ट रूट निर्धारण और नियामक लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छोटे हवाई अड्डों का होगा विस्तार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वाल्मीकिनगर, मुंगेर, वीरपुर और सहरसा हवाई अड्डों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने कहा कि इन हवाई अड्डों का विकास केंद्र सरकार की उड़ान योजना (UDAN) के अंतर्गत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश के छोटे और दूरदराज़ इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाए ताकि सुलभ, किफायती और समयबद्ध विमान सेवाएं आम नागरिकों तक पहुंच सकें।
पर्यटन, व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि छोटे विमानों का परिचालन शुरू होने से सुदूरवर्ती इलाकों को राजधानी पटना व अन्य बड़े शहरों से सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे एक ओर जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर व्यापारिक गतिविधियों और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रमुख अधिकारी रहे बैठक में शामिल
बैठक में वायुयान संगठन निदेशालय के निदेशक निलेश रामचंद्र देवरे, विशेष सचिव अरविंद वर्मा तथा स्पिरिट एयर एलएलपी के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने बिहार में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूती देने की प्रतिबद्धता दोहराई।


