बिहार में दलित छात्रावास में प्रवेश को लेकर राहुल गांधी पर एफआईआर, कांग्रेस ने कहा – छात्रों की आवाज़ उठाना अपराध?

दरभंगा/पटना: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बिहार दौरे के दौरान दरभंगा में बिना अनुमति अंबेडकर छात्रावास में कार्यक्रम करने को लेकर विवाद गहरा गया है। बिहार प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 163 के उल्लंघन का हवाला देते हुए राहुल गांधी समेत 20 नामजद और 100 अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई दरभंगा के छात्र कल्याण पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर की गई।

राहुल गांधी का आरोप – “कार्यक्रम में व्यवधान डाला गया”

दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर राहुल गांधी ने कहा,

“मैं दरभंगा में छात्रों से बात करने आया था। लेकिन कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की गई। फिर भी मैंने छात्रों से बातचीत की और मेरा काम पूरा हुआ।”

उन्होंने जेडीयू-बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया,

“क्या बिहार में दलित छात्रों से बात करना अपराध है? छात्रों के लिए न्याय की बात करना अपराध है?”

पुलिस का पक्ष – “नियम तोड़े, चेतावनी दी गई थी”

दरभंगा के एसडीएम विकास कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा,

“राहुल गांधी को पहले ही बता दिया गया था कि उन्हें कार्यक्रम की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने नियमों का उल्लंघन किया, इसलिए एफआईआर दर्ज की गई है।”

दरभंगा सदर डीएसपी अमित कुमार ने भी इसकी पुष्टि की है।

एफआईआर में कौन-कौन शामिल

  • राहुल गांधी (कांग्रेस सांसद)
  • 19 अन्य नामजद कांग्रेस नेता
  • 100 अज्ञात कार्यकर्ता
  • सभी पर धारा 163 के तहत एफआईआर

राजनीतिक गर्मी बढ़ी

इस मामले ने बिहार में दलित राजनीति और छात्र अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज़ दबाने की साजिश बता रही है, वहीं प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था का सवाल मान रहा है।

बिहार की सियासत में राहुल गांधी का यह दौरा अब महज एक कार्यक्रम नहीं, एक बड़ा राजनीतिक संदेश बनता जा रहा है।

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