दरभंगा, 12 अगस्त — 5 अगस्त को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) परिसर में हुई सनसनीखेज वारदात में एक पिता ने अपनी ही बेटी के सामने दामाद की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार को पीड़िता तन्नू प्रिया न्याय की गुहार लेकर दरभंगा एसएसपी कार्यालय पहुंचीं और हत्यारे पिता प्रेमशंकर झा समेत सभी आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
लव मैरिज से नाराज था आरोपी पिता
सहरसा जिले की रहने वाली तन्नू प्रिया DMCH में बीएससी नर्सिंग की छात्रा हैं। पढ़ाई के दौरान उनकी दोस्ती सुपौल के राहुल कुमार मंडल से हुई, जो उसी कोर्स के छात्र थे। दोस्ती प्रेम में बदली और अलग-अलग जातियों से होने के बावजूद 5 मई को मंदिर में शादी कर ली।
लेकिन इस शादी से नाराज पिता प्रेमशंकर झा ने 5 अगस्त को DMCH परिसर में राहुल को गोली मार दी। तन्नू के अनुसार, गोली लगने के बाद राहुल उनकी गोद में गिरा और तड़पते हुए दम तोड़ दिया।
पीड़िता की भावुक गुहार
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी से मुलाकात के दौरान तन्नू प्रिया ने कहा —
“मेरे पति को तभी न्याय मिलेगा, जब मेरे पिता, भाई और सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाएगी। अगर न्याय नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी।”
उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही परिवार और कुछ कॉलेज स्टाफ जातीय मानसिकता से उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे।
- सुपौल कोर्ट में उन्होंने पहले ही पिता, भाइयों, बहन-बहनोई और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
- पिता का सहरसा के बनगांव में संजय मेडिको है, जहां अवैध गर्भपात कराए जाते हैं — ऐसा आरोप भी तन्नू ने लगाया।
- कॉलेज की प्राचार्य गुड़िया रानी पर भी गंभीर आरोप लगाए कि उन्होंने “छोटी जाति के लड़के” से शादी करने पर उकसाने वाले बयान दिए और धमकाया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
सुपौल के पिपरा से जदयू विधायक रामबिलास कामत भी पीड़िता के साथ मौजूद थे। उन्होंने इस घटना को “जातीय अहंकार का नतीजा और समाज के लिए शर्मनाक” बताया और कहा कि न्याय में कोई देरी नहीं होगी।
पुलिस की कार्रवाई
- हत्या के बाद छात्रों ने आरोपी प्रेमशंकर झा की पिटाई की, पुलिस ने भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया।
- आरोपी का फिलहाल पटना में इलाज चल रहा है।
- एसएसपी ने पीड़िता को न्याय का भरोसा देते हुए सदर एसडीपीओ के समक्ष उनका बयान दर्ज करवाया और जांच में तेजी के निर्देश दिए।
कॉलेज में तनाव का माहौल
हत्या के बाद DMCH नर्सिंग कॉलेज छात्रावास और इमरजेंसी विभाग में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिसे अब हटा दिया गया है।
- छात्रावास खाली हो चुका है, छात्र-छात्राओं में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
- प्राचार्य गुड़िया रानी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।


