फॉर्मर आईडी पर सदन में गरमाया मामला, मंत्री बोले—किसी किसान का लाभ नहीं रुका

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कार्यवाही के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से फॉर्मर आईडी का मुद्दा विपक्ष ने जोरदार तरीके से उठाया। विपक्षी सदस्यों ने आशंका जताई कि फॉर्मर आईडी नहीं बनने के कारण लाखों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। इस पर सरकार की ओर से कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सदन में स्थिति स्पष्ट की।

कल्याणपुर से बीजेपी विधायक सचिन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार में करोड़ों किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन पात्रता निर्धारण के लिए जमीन का विवरण और किसान का नाम सरकारी रजिस्टर में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे कई अपात्र लोग भी योजना का लाभ लेते रहे। विधायक ने आशंका जताई कि फॉर्मर आईडी जनरेट नहीं होने के कारण लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी आ सकती है और वास्तविक किसान इससे वंचित हो सकते हैं।

उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से मांग की कि सभी पात्र किसानों का नाम सरकारी रजिस्टर में दर्ज कराया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी किसान इस योजना के लाभ से वंचित न हो।

इसके जवाब में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ उन्हीं किसान परिवारों को दिया जाता है जिनके नाम से जमीन की जमाबंदी दर्ज है। भारत सरकार के निर्देश पर राज्य में सभी लाभुकों का रजिस्टर तैयार किया जा रहा है और विशेष अभियान चलाकर फॉर्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब तक किसी भी लाभुक को फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं होने के कारण योजना से वंचित नहीं किया गया है। जिन किसानों की जमीन उनके पूर्वजों के नाम पर है, उन्हें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने नाम से जमाबंदी कराने और फॉर्मर आईडी बनवाने के लिए व्यापक प्रचार–प्रसार किया जा रहा है।

सरकार के इस जवाब के बाद सदन में यह संदेश गया कि फिलहाल किसी किसान का लाभ नहीं रोका गया है, लेकिन फॉर्मर आईडी की प्रक्रिया को जल्द पूरा करना आवश्यक है ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके।


 

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