
दरभंगा/भागलपुर, बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक शातिर युवक ने खुद को दरोगा बताकर न केवल एक महिला सिपाही को प्रेम जाल में फंसाया, बल्कि उससे शादी भी रचा ली। शादी के कुछ ही दिनों बाद आरोपी का असली चेहरा सामने आया और उसने अपनी पत्नी को ही उसकी निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। यह मामला दरभंगा से लेकर भागलपुर तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

फर्जी पहचान के सहारे रचा पूरा खेल
घटना दरभंगा जिले के बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र की है। पीड़िता एक महिला सिपाही है, जो अनुमंडल कोर्ट में तैनात है। पुलिस को दिए गए अपने बयान में उसने बताया कि उसकी मुलाकात राहुल कुमार सिंह नामक युवक से हुई थी, जो खुद को पुलिस विभाग में दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) बताता था।
आरोपी हमेशा पुलिस की वर्दी में रहता था और उसने दावा किया था कि उसकी पोस्टिंग कटिहार जिले में है। उसने पीड़िता को एक फर्जी आईकार्ड भी दिखाया, जिससे महिला सिपाही को उस पर पूरा भरोसा हो गया। वर्दी और पहचान के झांसे में आकर पीड़िता ने 12 मार्च 2026 को उससे शादी कर ली।
शादी के बाद बदला व्यवहार
शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय बाद आरोपी का व्यवहार बदलने लगा। उसने धीरे-धीरे अपनी असलियत दिखानी शुरू कर दी। इसी दौरान उसने धोखे से महिला सिपाही की कुछ निजी और आपत्तिजनक तस्वीरें अपने मोबाइल में कैद कर लीं।
इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला। आरोपी इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर महिला सिपाही से अपनी मनमानी करवाने लगा।
मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी की हरकतों का विरोध किया, तो वह उसके साथ मारपीट करने लगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।
मामला तब और गंभीर हो गया जब आरोपी महिला सिपाही के बैरक तक पहुंच गया और वहां भी हंगामा करते हुए उसके साथ मारपीट की। इससे पीड़िता पूरी तरह भयभीत हो गई।
हिम्मत दिखाकर पुलिस को दी सूचना
लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर महिला सिपाही ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बहेड़ा थाना प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि आरोपी राहुल कुमार सिंह, जो भागलपुर जिले के भवानीपुर (बलहा) का रहने वाला है, को हिरासत में ले लिया गया है। उसके खिलाफ पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
फर्जी दस्तावेज और मोबाइल की जांच
पुलिस अब आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्रों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने इस तरह की ठगी या धोखाधड़ी पहले भी की है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं, जो वर्दी का रौब दिखाकर लोगों को फंसाता है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि इसमें एक प्रशिक्षित महिला सिपाही भी फर्जी पहचान के जाल में फंस गई। इससे यह सवाल उठता है कि वर्दी और पहचान के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी कितनी गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में फर्जी पहचान बनाना आसान हो गया है, इसलिए किसी भी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच जरूरी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति की पहचान पर आंख बंद कर भरोसा न करें, खासकर जब मामला नौकरी, शादी या पैसों से जुड़ा हो।
- सरकारी पद का दावा करने वालों की जांच करें
- आईकार्ड और दस्तावेज की सत्यता सुनिश्चित करें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें
दरभंगा का यह मामला न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि यह समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। वर्दी का रौब और झूठी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाने वाले ऐसे अपराधियों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि जागरूकता और समय पर कार्रवाई से बड़े अपराधों को रोका जा सकता है। अब सभी की नजर इस मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।


