मगध में भूमिहार वोट बैंक पर नजर: तेजस्वी ने राहुल शर्मा को RJD में लिया, अरुण कुमार वापस JDU में

गया/पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मगध क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जदयू को बड़ा झटका देते हुए जगदीश शर्मा के पुत्र राहुल शर्मा को अपने पाले में कर लिया। शुक्रवार को तेजस्वी यादव की मौजूदगी में राहुल शर्मा ने RJD की सदस्यता ली।

इस कदम से जदयू में खलबली मच गई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को 24 घंटे के भीतर पूर्व सांसद अरुण कुमार को वापस जदयू में शामिल करने का निर्देश दिया।


राहुल शर्मा का RJD में जाना और एनडीए की जवाबी कार्रवाई

राहुल शर्मा, जो पहले जदयू से घोसी विधानसभा सीट के विधायक रह चुके हैं, ने RJD की सदस्यता लेकर NDA के लिए चुनौती पेश की। उनके पिता जगदीश शर्मा 1977 से 2008 तक लगातार घोसी सीट से विधायक रह चुके हैं और जहानाबाद से सांसद भी रहे हैं।

एनडीए की जवाबी कार्रवाई में, पूर्व सांसद अरुण कुमार ने अपने पुत्र ऋतुराज और समर्थकों के साथ जदयू की सदस्यता ली। अरुण कुमार दो बार जहानाबाद से सांसद रह चुके हैं और उनके पास मगध क्षेत्र के भूमिहार वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है।


अरुण कुमार की वापसी और पुत्र ऋतुराज की उम्मीदवारी

सूत्रों के मुताबिक, अरुण कुमार अपने पुत्र ऋतुराज को राजनीति में लॉन्च करने के लिए जदयू में लौटे हैं। वह घोसी विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। जदयू ने अरुण कुमार को आश्वासन दिया है कि उनका और उनके पुत्र का सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।

अरुण कुमार की जदयू में वापसी समारोह में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा मौजूद रहे। ललन सिंह ने कहा:

“अरुण कुमार समता पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं और जनता दल यूनाइटेड उनका पुराना घर है। हम उनका और उनके पुत्र का जदयू में हार्दिक स्वागत करते हैं।”


मगध और जहानाबाद की राजनीति में बदलाव

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, राहुल शर्मा का RJD में जाना और अरुण कुमार की वापसी जदयू में मगध क्षेत्र के भूमिहार वोट बैंक पर सीधा असर डाल सकता है। दोनों नेताओं की जोड़ी क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को हिला सकती है।

नीतीश कुमार का अल्टीमेटम और तेजस्वी यादव की रणनीति ने यह साफ कर दिया है कि चुनावी राजनीति में अब कोई भी कदम अनदेखा नहीं किया जाएगा।

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