
बांका, 15 जुलाई 2025: बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र से एक अनोखी और प्रेरणादायक शादी की कहानी सामने आई है, जहां दूल्हे जाहिद अंसारी ने शादी के वादे को निभाने के लिए हर बाधा को पार कर मिसाल कायम कर दी।
बारिश और जाम बना बाधा, फिर भी निभाया वादा
डहुआ गांव निवासी मोहम्मद अंसारी के पुत्र जाहिद अंसारी की शादी झारखंड के नया गांव में तय थी। मंगलवार को निकाह की रस्म शाम में होनी थी। लेकिन सुबह से ही तेज बारिश और स्टेट हाईवे पर भीषण जाम के कारण बारात का काफिला बीच रास्ते में फंस गया।
जब समय निकलता गया और निकाह का मुहूर्त करीब आया, तो जाहिद ने फैसला लिया कि रस्म तय समय पर ही पूरी होगी।
शेरवानी और सेहरा में बाइक से पहुंचा दूल्हा
दूल्हा शेरवानी पहनकर, सेहरा बांधकर एक करीबी दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर दुल्हन के गांव निकल पड़ा। जैसे ही वह नया गांव पहुंचा, वहां मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला था। लेकिन सभी ने दूल्हे के संकल्प और समर्पण की प्रशंसा की।
“वादे की लाज रखने वाले इस दूल्हे की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है,” – एक स्थानीय ग्रामीण।
देर शाम पहुंची बाकी बारात
प्रशासन की कोशिशों से जाम देर शाम खुला, जिसके बाद बाकी बारात, बैंड-बाजा और परिजन दुल्हन के गांव पहुंच सके। हालांकि तब तक निकाह की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की जा चुकी थी।
लोगों ने कहा– प्रेरणादायक कदम
गांव के लोगों और दोनों परिवारों ने जाहिद की सोच को ‘समर्पण और संस्कार का प्रतीक’ बताया।
“जब नीयत साफ हो और रिश्ता सच्चा हो, तो न कोई रुकावट मायने रखती है, न कोई बहाना।”
यह घटना उन सभी के लिए प्रेरणा है जो विवाह को केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सच्चाई, प्रतिबद्धता और सम्मान का संबंध मानते हैं। जाहिद अंसारी का यह कदम युवा पीढ़ी को यह सिखाता है कि मुश्किलें चाहे जितनी हों, यदि इरादा मजबूत हो तो हर मंजिल आसान हो जाती है।


