पटना | 6 जनवरी 2026
राज्य में आपदाओं के प्रभाव को जमीनी स्तर पर न्यूनतम करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन विभाग निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आपदा प्रबंधन विभाग के माननीय मंत्री श्री नारायण प्रसाद ने विभागीय अधिकारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण से जुड़े कार्यों को प्रभावी, व्यावहारिक एवं समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
दिनांक 6 जनवरी 2026 को विभागीय सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार “बिहार आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप (2025–30) के संशोधन” से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्तुतीकरण माननीय मंत्री श्री नारायण प्रसाद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्तुतीकरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी द्वारा दिया गया।
बैठक में विभाग के संयुक्त सचिव श्री अविनाश कुमार एवं विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संदीप कुमार भी उपस्थित रहे। प्रस्तुतीकरण के दौरान राज्य में आपदा जोखिम को कम करने, पूर्व तैयारी को मजबूत करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा विभिन्न स्तरों पर समन्वय को और प्रभावी बनाने से संबंधित प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तुतीकरण के पश्चात माननीय मंत्री श्री नारायण प्रसाद ने आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर पड़ने वाले प्रभावों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आपदा प्रबंधन केवल नीतियों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक क्रियान्वयन पर आधारित होना चाहिए, ताकि आम जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।
माननीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण से संबंधित प्रस्तावित संशोधनों का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है, जिससे प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से होने वाली जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।


