पटना, 13 अगस्त।राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत लोक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में पटना क्लस्टर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में ₹514 करोड़ 59 लाख का निवेश होगा।
मुख्य विशेषताएं
- स्थान: पटना के रामचक बैरिया में प्लांट की स्थापना।
- कचरा स्रोत: पटना, दानापुर, फतुहा, खगौल, फुलवारीशरीफ, संपतचक, मनेर, मसौढ़ी, बिहटा, बख्तियारपुर, नौबतपुर, पुनपुन और खुशरूपुर — कुल 13 नगर निकायों से कचरा एकत्र किया जाएगा।
- दैनिक क्षमता: 1,600 टन प्रतिदिन कचरे का प्रसंस्करण और निस्तारण।
स्थापित की जाने वाली प्रमुख सुविधाएं
- 15 मेगावाट ऊर्जा संयंत्र – ठोस अपशिष्ट से बिजली उत्पादन।
- 100 टन प्रतिदिन बायो-मिथनेशन संयंत्र – जैविक कचरे से बायोगैस और ऊर्जा उत्पादन।
- 50 टन प्रतिदिन एमआरएफ (Material Recovery Facility) संयंत्र।
- 700 टन प्रतिदिन कम्पोस्ट प्लांट – जैविक खाद उत्पादन।
- 325 टन प्रतिदिन सैनेटरी लैंडफिल सुविधाएं।
- 250 टन प्रतिदिन एमआरएफ सह आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) संयंत्र।
परियोजना का लाभ
इन संयंत्रों में वैज्ञानिक तरीकों से कचरे का निस्तारण किया जाएगा, जिससे:
- शहर स्वच्छ और कचरा-मुक्त होंगे।
- पर्यावरण प्रदूषण में कमी आएगी।
- अपशिष्ट से ऊर्जा और उपयोगी उत्पाद तैयार होंगे।


