
नई दिल्ली, 2 अगस्त 2025: भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चयन की प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को घोषणा की कि उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा। आयोग के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना 7 अगस्त को जारी की जाएगी, और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त तय की गई है।
उपराष्ट्रपति पद क्यों हुआ रिक्त
यह पद मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा हाल ही में पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुआ है। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों द्वारा किया जाता है।
कौन करता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?
उपराष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल में निम्न सदस्य शामिल होते हैं:
- राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य
- राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य
- लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य
हालांकि, वर्तमान में राज्यसभा की 5 सीटें रिक्त हैं और लोकसभा में 1 सदस्य की कमी है, इसलिए कुल मिलाकर कुछ सदस्यों की भागीदारी नहीं हो पाएगी। बावजूद इसके, चुनाव निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न होगा।
क्या होता है उपराष्ट्रपति का कार्य?
भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का सभापति होता है और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति या असमर्थता की स्थिति में कार्यवाहक राष्ट्रपति की भूमिका भी निभाता है। यह पद भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है।
अगले चरण
नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है। 9 सितंबर को मतदान और उसके बाद उसी दिन मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी।
यह चुनाव भारत की संसदीय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिस पर देश की राजनीति की दिशा और सदन की कार्यवाही का संतुलन निर्भर करता है।


