औरंगाबाद–अरवल राजमार्ग को फोरलेन करने की कवायद तेज, पथ निर्माण मंत्री ने दिए तत्काल निर्देश

पटना/अरवल: औरंगाबाद–अरवल मुख्य राजमार्ग (एनएच-139), जो बिहार को छत्तीसगढ़ से जोड़ता है, को फोरलेन करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के अरवल विधायक मनोज शर्मा ने गुरुवार को पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने विभागीय सचिव को निर्देश दिया है कि एनएच-139 को फोरलेन में परिवर्तित करने को लेकर क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर त्वरित रूप से रिपोर्ट तैयार की जाए। साथ ही इस परियोजना को लेकर केंद्र सरकार से दोबारा आग्रह करने को भी कहा गया है।

सिर्फ 7 मीटर चौड़ी है सड़क, रोज हो रही दुर्घटनाएं

विधायक मनोज शर्मा ने अपने ज्ञापन में बताया कि औरंगाबाद–पटना भाया अरवल यह मुख्य राजमार्ग बिहार को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला अहम संपर्क पथ है। इस सड़क पर प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। वर्तमान में इस राजमार्ग की चौड़ाई महज 7 मीटर है, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर पीसीयू (Passenger Car Unit) 18 हजार से 25 हजार के बीच है, जो फोरलेन सड़क के मानकों से कहीं अधिक है।

10 हजार पीसीयू पर फोरलेन जरूरी

विधायक ने कहा कि सड़क सुरक्षा मानकों के अनुसार 10 हजार पीसीयू से अधिक ट्रैफिक होने पर सड़क को फोरलेन में बदला जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि केवल अरवल जिले के बालू घाटों से प्रतिदिन करीब 1800 मल्टी एक्सल बालू लदे ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ने का है लक्ष्य

मनोज शर्मा ने मंत्री को दिए ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि सरकार की स्पष्ट घोषणा है कि प्रत्येक जिला मुख्यालय को फोरलेन सड़क से जोड़ा जाएगा। ऐसे में एनएच-139 को फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना में शामिल किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सूची में इस परियोजना का शामिल न होना औरंगाबाद एवं अरवल जिले की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

मंत्री ने दिया आश्वासन

विधायक के पत्र के आलोक में पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय सचिव को निर्देश दिया कि इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई की जाए। साथ ही एनएच-139 को फोरलेन में बदलने के लिए भारत सरकार से पुनः आग्रह करने का फैसला लिया गया है।

इस पहल के बाद क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण मार्ग के फोरलेन निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है।


 

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