ECI की राजनीतिक दलों के साथ बैठक, बिहार में SIR-2025 की प्रक्रिया पर दी विस्तृत जानकारी

पटना/नई दिल्ली, 3 जुलाई 2025: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बुधवार को निर्वाचन सदन, नई दिल्ली में बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) – 2025 को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने की, जिसमें चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी मौजूद थे।

बैठक में कांग्रेस, राजद, सपा, डीएमके, एनसीपी (शरद पवार), झामुमो, माकपा, भाकपा-माले, भाकपा, और शिवसेना (उद्धव गुट) जैसे दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोग ने SIR-2025 की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

पांच चरणों में SIR प्रक्रिया

1. प्रपत्र वितरण (25 जून – 3 जुलाई):

बिहार के 7.90 करोड़ मतदाताओं के बीच आंशिक रूप से पूर्व-भरे एन्यूमरेशन फॉर्म (EFs) वितरित किए जा रहे हैं।
77,895 BLO द्वारा घर-घर जाकर ये फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त 20,603 BLO की और नियुक्ति की जा रही है।
पार्टियों के द्वारा नियुक्त 1.54 लाख BLA भी इसमें सक्रिय हैं।

2. फॉर्म भरना व जमा करना (अंतिम तिथि: 25 जुलाई):

BLO और 4 लाख स्वयंसेवक (NCC, NSS आदि) मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता कर रहे हैं।
दिव्यांग, वृद्ध, बीमार और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जा रही है।
BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 सत्यापित फॉर्म जमा कर सकते हैं।

3. दस्तावेज़ी सत्यापन और डेटा अपलोड (25 जून – 26 जुलाई):

BLOs द्वारा भरे हुए फॉर्म की संग्रहण, रसीद प्रदान करना और BLO ऐप के माध्यम से डेटा अपलोड का कार्य किया जा रहा है।
ऑनलाइन फॉर्म सबमिशन की सुविधा भी शुरू हो चुकी है।

4. ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन (1 अगस्त):

25 जुलाई तक जमा फॉर्मों के आधार पर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
पार्टियों को इसकी निःशुल्क कॉपी दी जाएगी और यह ECI वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
वंचित नागरिक फॉर्म 6 के माध्यम से दावा/आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

5. दावा और आपत्ति (1 अगस्त – 1 सितंबर):

धारा 16 व 19 (RP Act, 1950) के तहत दावे व आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी।
कोई नाम बिना सुनवाई के सूची से हटाया नहीं जाएगा।
सप्ताहिक रिपोर्ट पार्टियों को दी जाएगी।

अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन (30 सितंबर):

दावा-आपत्ति निपटारे के बाद 30 सितंबर 2025 को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
पार्टियों को इसकी मुफ्त हार्ड व सॉफ्ट कॉपी दी जाएगी।
अगर किसी मतदाता को ERO के निर्णय पर आपत्ति हो तो वह 15 दिन में DM से और 30 दिन में CEO से अपील कर सकता है

दस्तावेज़ की आवश्यकता किसे?

  • 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची में जिनके नाम थे, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज़ की जरूरत नहीं।
  • अन्य को जन्म तिथि/स्थान का प्रमाण देना होगा:
    • 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे: स्वयं का प्रमाण।
    • 1 जुलाई 1987 – 2 दिसंबर 2004 के बीच: स्वयं व एक अभिभावक का दस्तावेज़।
    • 2 दिसंबर 2004 के बाद: स्वयं और दोनों अभिभावकों के दस्तावेज़।

आयोग की अपील:

निर्वाचन आयोग ने सभी योग्य नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि कोई मतदाता छूट न जाए।


 

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