पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जहां एनडीए (NDA) ने एकजुट होकर अपने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, वहीं महागठबंधन (RJD, कांग्रेस और वाम दलों) में सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कांग्रेस और आरजेडी 13 विधानसभा सीटों पर आमने-सामने आ गए हैं। हालांकि इसे “फ्रेंडली फाइट” बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह स्थिति महागठबंधन के वोट बैंक को कमजोर कर सकती है।
इन 13 सीटों पर दो-दो उम्मीदवार उतारे गए
- लालगंज:
- राजद: शिवानी शुक्ला (पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की बेटी)
- कांग्रेस: आदित्य कुमार राजा
- वैशाली:
- राजद: अजय कुशवाहा
- कांग्रेस: इंजीनियर संजीव सिंह
- रोसड़ा:
- कांग्रेस: बी. के. रवि (तमिलनाडु के पूर्व DGP)
- भाकपा: लक्ष्मण पासवान
(यह सीट 2020 में कांग्रेस के खाते में थी)
- राजापाकड़:
- कांग्रेस: प्रतिमा दास (वर्तमान विधायक)
- CPI: मोहित पासवान
- बिहार शरीफ:
- कांग्रेस: ओमेर खान
- भाकपा: शिव प्रकाश यादव उर्फ सरदार जी
(यह सीट 2020 में RJD के पास थी)
- बछवाड़ा:
- कांग्रेस: प्रकाश दास
- CPI: अवधेश राय
- तारापुर:
- राजद: अरुण कुमार शाह
- VIP: सकलदेव
(यह सीट हाई प्रोफाइल मानी जा रही है, जहां से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मैदान में हैं)
- कहलगांव:
- कांग्रेस: प्रवीण कुशवाहा
- राजद: रजनीश यादव
- गौरा बौराम:
- राजद: अफजल अली
- VIP: संतोष सहनी (मुकेश सहनी के भाई)
- झंझारपुर:
- CPI: राम नारायण यादव
- VIP: संभावित प्रत्याशी गुलाब यादव या बिंदु यादव
- वारसलीगंज:
- कांग्रेस: मनटन सिंह
- राजद: अनिता देवी
- सिकंदरा:
- राजद: पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी
- कांग्रेस: विनोद चौधरी
(AIMIM ने भी इसी सीट से प्रत्याशी उतारा है)
- कुटुंबा:
- कांग्रेस: प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम
- राजद: सुरेश पासवान
महागठबंधन में तनाव, पर बातचीत जारी
सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन में कई सीटों पर अब भी बातचीत जारी है। गौरा बौराम सीट पर राजद ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का ऐलान किया है, जबकि कुटुंबा सीट पर भी समाधान की कोशिशें जारी हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि इन सीटों पर समन्वय नहीं हुआ तो यह महागठबंधन के अंदरूनी संघर्ष का बड़ा उदाहरण बन सकता है।
एनडीए का मजबूत मोर्चा
दूसरी ओर, एनडीए (JDU, BJP, HAM, LJP (रा)) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और सभी प्रमुख सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। जदयू और भाजपा ने संयुक्त प्रचार की रणनीति तैयार की है, जबकि महागठबंधन में टिकट बंटवारे से जुड़ी नाराजगी अभी भी खत्म नहीं हुई है।
रिपोर्टर: सुमित कुमार
अपडेट: 10 अक्टूबर 2025
