
कोलकाता। भारतीय रेलवे लगातार अपनी सेवाओं को आधुनिक और यात्री केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे ने अप्रैल 2026 के दौरान यात्री सुविधा, सुरक्षा और सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ये बदलाव केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
पूर्व रेलवे के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्टेशनों पर आधुनिक सूचना प्रणाली, सुरक्षा उपकरण, संचार तंत्र और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत किया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन प्रयासों का उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन पर पहुंचने से लेकर गंतव्य तक सुरक्षित, सहज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
यात्रियों के लिए आसान होगी कोच की पहचान
रेलवे यात्रा के दौरान अक्सर यात्रियों को अपने कोच की सही स्थिति का पता लगाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर ट्रेन आने के समय यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति बन जाती है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए पूर्व रेलवे ने कई प्रमुख स्टेशनों पर नए कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड स्थापित किए हैं। हावड़ा मंडल के अंतर्गत साइंथिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो तथा आजिमगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या छह पर कुल 58 आधुनिक कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं।
इन डिस्प्ले बोर्डों की मदद से यात्रियों को पहले से जानकारी मिल सकेगी कि उनका कोच प्लेटफॉर्म के किस हिस्से में आएगा। इससे यात्रियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी और ट्रेन में चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
सियालदह स्टेशन पर लगी विशाल वीडियो वॉल
पूर्व रेलवे ने कोलकाता के सबसे व्यस्त स्टेशनों में शामिल सियालदह स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एक विशाल आउटडोर वीडियो वॉल भी स्थापित की है।
यह हाईटेक वीडियो वॉल वास्तविक समय में ट्रेनों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित करेगी। ट्रेन के आगमन और प्रस्थान समय, प्लेटफॉर्म परिवर्तन, विलंब की जानकारी और अन्य आवश्यक सूचनाएं यात्रियों को सीधे दिखाई देंगी।
रेलवे का मानना है कि इस सुविधा से यात्रियों को बार-बार पूछताछ काउंटरों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें समय पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।
सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को बनाया गया और मजबूत
रेलवे स्टेशन पर घोषणाओं की स्पष्टता यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कैनिंग स्टेशन पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को और मजबूत किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत स्टेशन के विभिन्न हिस्सों तक स्पष्ट और प्रभावी तरीके से घोषणाएं पहुंच सकेंगी। इससे यात्रियों को ट्रेन संचालन, सुरक्षा संबंधी निर्देशों और आपातकालीन परिस्थितियों की जानकारी समय पर मिल सकेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बेहतर उद्घोषणा प्रणाली किसी भी स्टेशन के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जीपीएस आधारित घड़ियों से मिलेगी सटीक समय की जानकारी
यात्रियों को समय की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कैनिंग और मध्यमग्राम स्टेशनों पर 10 नई जीपीएस आधारित प्लेटफॉर्म घड़ियां लगाई गई हैं।
ये घड़ियां उपग्रह आधारित तकनीक से संचालित होती हैं, जिससे समय में त्रुटि की संभावना बेहद कम हो जाती है। रेलवे का मानना है कि सटीक समय की जानकारी यात्रियों को अपनी यात्रा बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद करेगी।
रेलवे फाटकों की सुरक्षा में बड़ा सुधार
रेलवे ने केवल यात्रियों की सुविधाओं पर ही नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी और मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इसी दिशा में विभिन्न रेलवे समपार फाटकों पर आधुनिक संचार प्रणाली स्थापित की गई है।
हावड़ा मंडल के मसाग्राम और गुराप सहित सियालदह मंडल के बनगांव, बारासात, काकद्वीप और लक्ष्मीकांतपुर क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले कुल 12 इंटरलॉक्ड रेलवे फाटकों पर वॉयस रिकॉर्डिंग सुविधा युक्त उन्नत गेट टेलीफोन लगाए गए हैं।
इन उपकरणों की मदद से गेटकीपर और स्टेशन मास्टर के बीच होने वाली बातचीत रिकॉर्ड हो सकेगी। इससे संचार प्रणाली अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे फाटकों पर सुरक्षित संचार व्यवस्था दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
टिकटिंग व्यवस्था को बनाया गया और बेहतर
सियालदह स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डिजिटल टिकटिंग सेवाओं को भी उन्नत किया गया है। ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के लिए कनेक्टिविटी सिस्टम को बेहतर बनाया गया है।
इस सुधार के बाद यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में कम समय लगेगा और लंबी कतारों की समस्या भी कम होगी। रेलवे का लक्ष्य अधिक से अधिक यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग सुविधाओं से जोड़ना है ताकि टिकट वितरण प्रक्रिया को तेज और सरल बनाया जा सके।
माल ढुलाई केंद्रों पर बढ़ाई गई निगरानी
पूर्व रेलवे ने माल परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। आसनसोल और दुर्गापुर के गुड्स शेडों में आठ नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इन कैमरों के माध्यम से माल की निगरानी और सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इससे चोरी, क्षति और अन्य सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।
सीसीटीवी निगरानी से माल ढुलाई प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।
संचार नेटवर्क को मिला नया आधार
रेलवे संचालन में संचार व्यवस्था की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोदपुर ऑप्टिकल फाइबर हट में पुराने बैटरी सिस्टम को हटाकर नई और अधिक विश्वसनीय प्रणालियां स्थापित की गई हैं।
इससे रेलवे संचार नेटवर्क की स्थिरता और कार्यक्षमता में सुधार होगा। अधिकारियों का कहना है कि मजबूत संचार व्यवस्था रेलवे संचालन को निर्बाध बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मालदा मंडल में अत्याधुनिक तकनीक की शुरुआत
मालदा मंडल के बसुदेवपुर क्षेत्र में नव निर्मित इंटरमीडिएट ब्लॉक हट में आधुनिक दूरसंचार और सुरक्षा उपकरणों को सफलतापूर्वक चालू किया गया है।
यहां डेटा लॉगर सहित कई आधुनिक प्रणालियां स्थापित की गई हैं, जो ट्रेनों के संचालन और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन प्रणालियों की सहायता से ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक सिग्नल और संचार तकनीकें सुरक्षित रेल परिचालन की आधारशिला होती हैं।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पूर्व रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल 2026 के दौरान किए गए सभी तकनीकी और बुनियादी सुधारों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना है। चाहे स्टेशन पर सही जानकारी उपलब्ध कराना हो, टिकटिंग व्यवस्था को आसान बनाना हो या सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना हो, हर कदम यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि स्टेशन केवल यात्रियों के आने-जाने का स्थान नहीं, बल्कि लाखों लोगों की भावनाओं, उम्मीदों और सपनों से जुड़ा केंद्र है। यही कारण है कि पूर्व रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में कार्य कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसे कई और विकास कार्य किए जाएंगे ताकि पूर्व रेलवे के स्टेशनों पर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।


