भागलपुर–मंदार हिल रेलखंड में चला सघन टिकट जांच अभियान, 247 यात्रियों से वसूला गया 2.15 लाख रुपये जुर्माना

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेलवे राजस्व की सुरक्षा और बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए भागलपुर–मंदार हिल रेलखंड में एक व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान रेलवे अधिकारियों ने विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों में सघन जांच करते हुए बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान के परिणामस्वरूप कुल 247 मामलों का पता चला, जिनसे रेलवे ने 2,15,920 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह अभियान 4 जुलाई 2026 को चलाया गया, जिसका उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं बल्कि यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। रेलवे लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि सभी यात्री वैध टिकट लेकर यात्रा करें, जिससे राजस्व संरक्षण के साथ यात्रा व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनी रहे।

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की ओर से बताया गया कि ऐसे विशेष अभियान नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं। रेलवे प्रशासन का मानना है कि बिना टिकट यात्रा न केवल रेलवे राजस्व को प्रभावित करती है बल्कि इससे यात्रियों की सुविधा और संचालन व्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए मंडल स्तर पर समय-समय पर बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया जाता है।

यह विशेष जांच अभियान मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मंडल के विभिन्न संवेदनशील रेलखंडों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

भागलपुर–मंदार हिल रेलखंड में चला सघन टिकट जांच अभियान, 247 यात्रियों से वसूला गया 2.15 लाख रुपये जुर्माना

अभियान का संचालन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक की निगरानी में किया गया। वहीं सहायक वाणिज्य प्रबंधक (टीसी) के नेतृत्व में टिकट जांच टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक, टिकट जांच कर्मचारी और रेलवे सुरक्षा बल के जवान संयुक्त रूप से मैदान में उतरे।

जांच अभियान के लिए कई प्रमुख स्टेशनों को चुना गया, जिनमें , , , और शामिल रहे। इसके अलावा भागलपुर–मंदार हिल रेलखंड पर संचालित कई ट्रेनों में भी टिकट जांच की गई। अधिकारियों ने ट्रेन के डिब्बों, प्लेटफॉर्म और प्रवेश-निकास क्षेत्रों में यात्रियों के टिकटों की बारीकी से जांच की।

जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे यात्री पाए गए जो बिना टिकट यात्रा कर रहे थे या जिनके पास वैध टिकट नहीं था। कुछ मामलों में यात्रियों के पास गलत श्रेणी के टिकट भी पाए गए, जबकि कई यात्रियों ने निर्धारित दूरी से अधिक यात्रा की थी। रेलवे नियमों के अनुसार ऐसे सभी मामलों को अनियमित यात्रा की श्रेणी में रखा गया और संबंधित यात्रियों से जुर्माना वसूला गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कुल 247 मामलों में नियम उल्लंघन पाया गया। इन मामलों में यात्रियों से जुर्माना सहित कुल 2,15,920 रुपये की राशि वसूली गई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अब भी बड़ी संख्या में लोग टिकट नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में और अधिक सघन अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिना टिकट यात्रा केवल राजस्व हानि का मामला नहीं है। इससे रेलवे की योजना, यात्री भार प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होती है। जब ट्रेन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्री बिना टिकट चढ़ते हैं, तो भीड़ बढ़ती है और दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसी कारण टिकट जांच अभियान रेलवे संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट अवश्य लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना टिकट यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यदि कोई यात्री बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ पकड़ा जाता है, तो उससे जुर्माना वसूला जाएगा और गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

डिजिटल टिकटिंग के बढ़ते विकल्पों के बावजूद कई यात्री अब भी नियमों की अनदेखी करते हैं। रेलवे ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट बुकिंग के कई माध्यम उपलब्ध हैं, जिनमें स्टेशन टिकट काउंटर के अलावा ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। उदाहरण के लिए यात्री या आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं।

मालदा मंडल ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे अभियान और अधिक नियमित तथा सख्त होंगे। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं बल्कि यात्रियों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। लगातार जांच से यात्रियों में नियम पालन की प्रवृत्ति बढ़ती है और यात्रा व्यवस्था बेहतर होती है।

भागलपुर–मंदार हिल रेलखंड में चला यह अभियान रेलवे की सक्रिय कार्यशैली का संकेत माना जा रहा है। राजस्व संरक्षण, सुरक्षित यात्रा और बेहतर यात्री सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन की यह पहल आने वाले समय में और प्रभावी हो सकती है। फिलहाल रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना टिकट यात्रा के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगी।

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