
पूर्व रेलवे ने रेलवे स्टेशनों की स्वच्छता और यात्रियों के बेहतर यात्रा अनुभव को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने “ईस्टर्न रेलवे इज़ वॉचिंग यू” नाम से एक नए अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की है। यह अभियान 4 जुलाई 2026 से लागू होगा और इसके तहत स्टेशन परिसरों में कूड़ा फैलाने, गंदगी करने तथा थूकने जैसी गतिविधियों पर शून्य-सहनशीलता यानी ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई बनाए रखना नहीं, बल्कि यात्रियों में सार्वजनिक स्थानों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
पूर्व रेलवे का यह अभियान स्वच्छता मिशन के तीसरे और सबसे प्रभावशाली चरण के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले “स्वच्छता चैंपियन” अभियान के पहले और दूसरे चरण में जागरूकता और संस्थागत जिम्मेदारी पर विशेष फोकस किया गया था। अब तीसरे चरण में तकनीक, निगरानी और जनभागीदारी को एक साथ जोड़कर स्वच्छता को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी की गई है।
स्वच्छता अभियान का नया चरण
रेलवे अधिकारियों के अनुसार “ईस्टर्न रेलवे इज़ वॉचिंग यू” केवल एक संदेश नहीं बल्कि व्यवहार परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत अभियान है। रेलवे का मानना है कि केवल सफाई कर्मियों की मेहनत से स्टेशन स्वच्छ नहीं रह सकते, इसके लिए यात्रियों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
स्टेशन परिसर में अक्सर कूड़ा फेंकने, प्लास्टिक छोड़ने और थूकने जैसी आदतें सफाई व्यवस्था को प्रभावित करती हैं। इससे न केवल स्टेशन की सुंदरता खराब होती है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ते हैं। ऐसे में यह अभियान यात्रियों को अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का काम करेगा।
पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक के नेतृत्व में इस अभियान को विशेष रूप से तैयार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और स्वच्छ वातावरण रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
CCTV से होगी हर गतिविधि पर नजर
अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता व्यापक निगरानी व्यवस्था है। पूर्व रेलवे ने अपने स्टेशनों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों का मजबूत नेटवर्क स्थापित किया है। स्टेशन के लगभग हर महत्वपूर्ण हिस्से को निगरानी दायरे में लाया गया है।
रेलवे प्रशासन ने कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए समर्पित कर्मियों की भी तैनाती की है। इसका अर्थ है कि स्टेशन पर होने वाली हर संदिग्ध या नियम-विरुद्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
यदि कोई व्यक्ति कैमरे में कूड़ा फैलाते, थूकते या गंदगी करते हुए दिखाई देता है, तो उसकी पहचान कर उसके खिलाफ तत्काल जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे का मानना है कि निगरानी व्यवस्था लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने में प्रभावी साबित होगी।
नियम तोड़ने वालों पर लगेगा जुर्माना
पूर्व रेलवे ने साफ कर दिया है कि इस अभियान के तहत नियम उल्लंघन पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। जो यात्री सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता खराब करते हुए पकड़े जाएंगे, उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जुर्माना केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं बल्कि सुधारात्मक कदम भी है। इसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि सार्वजनिक संपत्ति और साझा सुविधाओं की रक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, तो लंबे समय में लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
यात्रियों को बनाया जाएगा स्वच्छता प्रहरी
इस अभियान की सबसे अनोखी बात यह है कि पूर्व रेलवे ने यात्रियों को भी स्वच्छता मिशन का सक्रिय हिस्सा बनाया है। रेलवे प्रशासन चाहता है कि यात्री केवल सुविधा लेने वाले उपभोक्ता न रहें, बल्कि स्टेशन की स्वच्छता के संरक्षक भी बनें।
यदि कोई यात्री किसी व्यक्ति को कूड़ा फैलाते या थूकते हुए देखता है, तो वह उसकी तस्वीर लेकर निर्धारित मोबाइल नंबर पर भेज सकता है। रेलवे प्रशासन उस फोटो के आधार पर संबंधित व्यक्ति की पहचान करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने में सीधी भूमिका मिलेगी। इससे जनभागीदारी बढ़ेगी और निगरानी व्यवस्था और प्रभावी बनेगी।
“कैप्टन क्लीन” के रूप में मिलेगा सम्मान
रेलवे ने स्वच्छता के प्रति जागरूक यात्रियों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई है। यदि कोई यात्री नियम उल्लंघन की सूचना देकर स्वच्छता अभियान में सहयोग करता है, तो उसे “कैप्टन क्लीन” के रूप में सम्मान दिया जाएगा।
ऐसे यात्रियों को पूर्व रेलवे की ओर से प्रशंसा-पत्र यानी सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। रेलवे का मानना है कि सकारात्मक प्रोत्साहन लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगा।
यह पहल विशेष रूप से युवाओं और नियमित यात्रियों को सार्वजनिक स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में प्रभावी मानी जा रही है।
हावड़ा स्टेशन से होगी औपचारिक शुरुआत
इस महत्वाकांक्षी अभियान का औपचारिक शुभारंभ 4 जुलाई 2026 को पर किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर स्वयं उपस्थित रहेंगे और अभियान का उद्घाटन करेंगे।
हावड़ा स्टेशन से शुरुआत का प्रतीकात्मक महत्व भी है, क्योंकि यह पूर्व रेलवे का सबसे व्यस्त और प्रमुख स्टेशन माना जाता है। यहां प्रतिदिन लाखों यात्री आते-जाते हैं, इसलिए स्वच्छता अभियान का असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हावड़ा में सफल शुरुआत के बाद यह मॉडल अन्य स्टेशनों पर भी पूरी ताकत के साथ लागू किया जाएगा।
स्वच्छता पर रेलवे का स्पष्ट संदेश
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नया अभियान निगरानी व्यवस्था और जनभागीदारी के बीच मौजूद दूरी को समाप्त करेगा। रेलवे को उम्मीद है कि यात्री इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और स्टेशनों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
उनका संदेश साफ था—यदि आप कोई गलत गतिविधि देखें, तो उसकी सूचना दें और स्वच्छ भारत के मिशन में सहभागी बनें।
स्वच्छ स्टेशन, बेहतर यात्रा अनुभव
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ स्टेशन केवल सौंदर्य का विषय नहीं बल्कि बेहतर यात्रा अनुभव, स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक अनुशासन से भी जुड़ा है। गंदगी मुक्त स्टेशन यात्रियों के मन में सकारात्मक छवि बनाते हैं और सार्वजनिक सुविधाओं के उपयोग को अधिक आरामदायक बनाते हैं।
पूर्व रेलवे का “ईस्टर्न रेलवे इज़ वॉचिंग यू” अभियान तकनीक, जवाबदेही और नागरिक भागीदारी का एक अनूठा मिश्रण बनकर सामने आया है। यदि यह अभियान सफल होता है, तो रेलवे स्टेशनों की तस्वीर बदल सकती है और स्वच्छता को लेकर नया मानक स्थापित हो सकता है।


