बिहार की समृद्धि से देश की उन्नति का रास्ता निकलेगा: बैंकर्स से बोले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

बिहार की आर्थिक प्रगति, कृषि विकास और औद्योगिक विस्तार को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बैंकिंग क्षेत्र से बड़े सहयोग की अपील की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार की समृद्धि केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की उन्नति का मार्ग भी बिहार के विकास से होकर गुजरेगा। उन्होंने बैंकर्स से क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो बढ़ाने, किसानों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने और उद्योगों के लिए निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक के 71वें बैंक दिवस समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम भारतीय स्टेट बैंक पटना सर्किल की ओर से पटना स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र के ज्ञान भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक के 71 वर्षों की यात्रा की सराहना की और बैंक परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एसबीआई ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है और आने वाले वर्षों में भी बिहार तथा देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका और महत्वपूर्ण होगी।

सीडी रेशियो 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बैंकिंग क्षेत्र के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो को लेकर दिया। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि बिहार में सीडी रेशियो बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक ले जाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बैंकिंग संस्थानों को भरोसा दिलाती है कि ऋण भुगतान की व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। सरकार इस दिशा में आवश्यक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जाएगी जब राज्य में जमा धन का बड़ा हिस्सा विकास, उद्योग और रोजगार सृजन में निवेश हो। इससे आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और विकास को नई गति मिलेगी।

बिहार की प्रगति से देश का विकास

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की समृद्धि राष्ट्रीय विकास से सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में बिहार के 14 करोड़ लोगों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उनका कहना था कि यदि बिहार को विकास की मुख्यधारा में पूरी ताकत से आगे नहीं बढ़ाया गया, तो देश की समग्र प्रगति भी अधूरी रह जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 20 वर्षों में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में पहचाना जाता है। आने वाले समय में बिहार फिर से अपने गौरवशाली इतिहास के अनुरूप नई पहचान स्थापित करेगा।

किसानों को संस्थागत ऋण पर जोर

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने किसानों तक संस्थागत ऋण पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसानों को समय पर सस्ता ऋण उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है। यदि किसानों को संस्थागत वित्तीय सहायता मिलेगी, तो कृषि उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को औपचारिक बैंकिंग तंत्र से जोड़ने से साहूकारी पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी।

बिहार में उद्योग विस्तार के लिए बैंकर्स से सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने बिहार में औद्योगिक विकास को लेकर भी बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों का व्यापक नेटवर्क विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए बैंकिंग क्षेत्र का सहयोग अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों और स्टार्टअप को वित्तीय सहायता के बिना गति देना संभव नहीं है। बैंक यदि निवेश और ऋण वितरण में सक्रिय भूमिका निभाएं, तो बिहार में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है और निजी निवेशकों के लिए नई संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।

डिजिटल बैंकिंग में भारत अग्रणी

मुख्यमंत्री ने भारत की बैंकिंग प्रणाली की वैश्विक स्तर पर सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी क्षेत्र में भले कई देश आगे हों, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवा में भारत ने अग्रणी स्थान हासिल किया है।

उन्होंने विशेष रूप से UPI आधारित भुगतान प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत में सबसे अधिक डिजिटल लेनदेन हो रहा है। इससे बैंकिंग सेवाएं आम नागरिकों तक तेज और आसान तरीके से पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जन-धन योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। इससे आर्थिक समावेशन को नई दिशा मिली है।

मरीन ड्राइव परियोजनाओं का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मुंगेर से भागलपुर तक 83 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अलावा दीघा से कोईलवर तक 39 किलोमीटर लंबी मरीन ड्राइव परियोजना भी अगले तीन वर्षों में पीपीपी मॉडल पर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि ऐसी आधारभूत संरचना परियोजनाएं राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देंगी। सड़क, परिवहन और शहरी विकास से जुड़े बड़े निवेश राज्य के विकास को मजबूत करेंगे।

12 नए टाउनशिप में एक लाख करोड़ निवेश

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों में 12 नई टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं में लगभग एक लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष निवेश का लक्ष्य रखा गया है।

इन टाउनशिप के विकास से शहरीकरण, आवास, व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा।

बैंकिंग और विकास का मजबूत संबंध

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने बैंकर्स से बिहार के विकास में सक्रिय भागीदारी जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं को सफल बनाने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्टेट बैंक पटना सर्किल के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी ने मुख्यमंत्री का स्वागत हरित पौधा, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। समारोह में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि बिहार विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और बैंकिंग क्षेत्र इस परिवर्तन का प्रमुख साझेदार बन सकता है। आने वाले वर्षों में यदि बैंकिंग, उद्योग और सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बना, तो बिहार आर्थिक प्रगति की नई मिसाल पेश कर सकता है।

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