मोतिहारी में रूह कंपा देने वाली दरिंदगी: ऑर्केस्ट्रा देखने गए युवक की बेरहमी से हत्या; पहले आंखें फोड़ीं, फिर गुप्तांग काट कर शव को फंदे से लटकाया

हरसिद्धि (पूर्वी चंपारण)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र में एक ऐसी जघन्य वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार की देर रात एक युवक की ऐसी खौफनाक तरीके से हत्या की गई कि देखने वालों की रूह कांप गई। हरसिद्धि के छतवनिया टोला में अपराधियों ने 25 वर्षीय अजय कुमार की न केवल जान ली, बल्कि मौत से पहले उसे ऐसी प्रताड़ना दी जो किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। शनिवार की सुबह जब ग्रामीणों ने अजय का शव एक बथान (पशुओं के बांधने का स्थान) में फंदे से लटका देखा, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मृतक के शरीर पर मौजूद निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि यह साधारण हत्या नहीं, बल्कि गहरे प्रतिशोध और नफरत का परिणाम है। अपराधियों ने अजय की आंखें फोड़ दी थीं और उसके गुप्तांग को भी काट डाला था। 10 मई 2026 की इस सुबह ने जिले की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही है और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

लुधियाना से लौटा था घर, मौत खींच ले गई ऑर्केस्ट्रा तक

​मृतक अजय कुमार के बारे में जानकारी मिली है कि वह अपनी जीविका के लिए पंजाब के लुधियाना में काम करता था। वह महज दो दिन पहले ही अपने गांव छतवनिया टोला लौटा था। परिजनों ने बताया कि घर लौटने की खुशी अभी ठीक से मनाई भी नहीं गई थी कि यह वज्रपात हो गया। शुक्रवार की रात गांव के ही समीप एक स्थान पर ऑर्केस्ट्रा का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। अजय अपने घर से यह कहकर निकला था कि वह ऑर्केस्ट्रा देखने जा रहा है।

​अजय की मां प्रेमा देवी ने बताया कि वह रात में करीब 9-10 बजे के आसपास घर से निकला था। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को लगा कि शायद वह अपने दोस्तों के साथ रुक गया होगा या कार्यक्रम देर तक चल रहा होगा। लेकिन शनिवार की सुबह जब उजाला हुआ, तो घर से करीब 200 मीटर की दूरी पर नहर के किनारे स्थित एक बथान में उसकी लाश मिली। लाश को देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। अजय का शरीर खून से लथपथ था और उसे फंदे से लटकाया गया था ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके, लेकिन शरीर की चोटें कुछ और ही कहानी बयां कर रही थीं।

क्रूरता की सारी हदें पार: आंखें फोड़ीं और गुप्तांग काटा

​इस हत्याकांड में अपराधियों ने जिस कदर क्रूरता दिखाई है, वह किसी पेशेवर अपराधी गिरोह के बजाय व्यक्तिगत दुश्मनी की ओर इशारा करती है। पुलिस ने जब शव का मुआयना किया, तो पाया कि अजय की दोनों आंखें किसी नुकीली चीज से फोड़ दी गई थीं। चेहरे पर कई जगह प्रहार के निशान थे। सबसे वीभत्स कृत्य यह था कि हत्यारों ने अजय का गुप्तांग भी काट दिया था।

​जानकारों का कहना है कि इस तरह की सजा अक्सर उन मामलों में दी जाती है जहाँ मामला अवैध संबंधों या प्रेम प्रसंग में ‘धोखे’ का होता है। अपराधियों का उद्देश्य केवल अजय को मारना नहीं था, बल्कि उसे तड़पाना और समाज के लिए एक खौफनाक मिसाल पेश करना था। नहर किनारे बथान में शव मिलने की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई। लोगों में इस बर्बरता को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं।

दो माह पुराना ‘वायरल वीडियो’ बना मौत का कारण?

​हत्या के पीछे की संभावित वजहों की तलाश में जुटी पुलिस को ग्रामीणों से एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब दो महीने पहले अजय कुमार का एक महिला के साथ एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय अजय लुधियाना में था, लेकिन इस वीडियो ने गांव और संबंधित महिला के परिवार में काफी तनाव पैदा कर दिया था।

​राजनैतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि अजय के लुधियाना से वापस आने का इंतजार किया जा रहा था। जैसे ही वह गांव पहुँचा, अपराधियों ने उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस को शक है कि ऑर्केस्ट्रा के बहाने अजय को किसी ने फोन कर या बुलाकर नहर के किनारे बुलाया, जहाँ पहले से घात लगाए हमलावरों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद सुनसान बथान में ले जाकर इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया गया। वायरल वीडियो और प्रेम प्रसंग के इस पहलू ने जांच की दिशा को एक विशेष परिवार और महिला की ओर मोड़ दिया है।

डीएसपी का बयान और पुलिसिया कार्रवाई

​घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी रवि कुमार ने खुद मोर्चा संभाला है। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से प्रेम प्रसंग और प्रतिशोध का लग रहा है। अजय के शरीर पर मिले चोट के निशान और गुप्तांग काटा जाना इस बात की पुष्टि करते हैं कि हत्यारे किसी गहरी रंजिश में थे।

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस महिला को हिरासत में ले लिया है, जिसका नाम इस विवाद से जोड़ा जा रहा था। महिला से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की रात अजय किसके संपर्क में था और इस साजिश में कौन-कौन शामिल हैं। डीएसपी रवि कुमार ने कहा कि पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और बहुत जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के समय और प्रताड़ना के प्रकार के बारे में और अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

गाँव में पसरा सन्नाटा और परिजनों का करुण क्रंदन

​अजय की मौत के बाद छतवनिया टोला में मातम के साथ-साथ एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है। हरसिद्धि पुलिस ने एहतियातन गांव में गश्ती बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की हिंसक प्रतिक्रिया को रोका जा सके। अजय की मां प्रेमा देवी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार एक ही बात कह रही है कि अगर उसे पता होता कि ऑर्केस्ट्रा के बहाने उसके बेटे की मौत बुलावा दे रही है, तो वह उसे कभी घर से बाहर नहीं जाने देती।

​ग्रामीणों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि गांव की पंचायतों या सुलह की कोशिशों के बजाय इस तरह का खूनी रास्ता अख्तियार करना समाज को विनाश की ओर ले जा रहा है। लुधियाना में मजदूरी कर परिवार का पेट पालने वाले एक नौजवान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को दुखी कर रहा है। पुलिस अब अजय के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है, जिससे यह साफ होगा कि शुक्रवार की रात आखिरी बार उसकी बात किससे हुई थी और उसे बथान तक कौन लेकर गया।

सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियां

​पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि इलाके में पिछले कुछ समय में अपराध के ग्राफ में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन इस तरह की बर्बर हत्या ने पुलिस प्रशासन की रात्रि गश्ती और खुफिया तंत्र पर भी उंगली उठा दी है। गांव के बीचो-बीच और नहर के किनारे इस तरह की वारदात हो जाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है।

​अजय कुमार हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ‘ऑनर किलिंग’ या प्रेम प्रसंग में होने वाली हत्याएं आज भी समाज की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि क्या वह उन मुख्य चेहरों तक पहुँच पाती है जिन्होंने अजय की आंखें फोड़ने और उसके शरीर को क्षत-विक्षत करने का दुस्साहस किया। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और लोग इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठे हैं। रविवार की सुबह अजय के अंतिम संस्कार के दौरान भी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

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