डॉ. शालिनी रघुवंशमणि को मिला राजकीय शिक्षक सम्मान: आधुनिक सावित्रीबाई फुले और सरस्वती के रूप में मिली पहचान

भागलपुर। शिक्षा जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी डॉ. शालिनी रघुवंशमणि (शालिनी कुमारी), शिक्षिका मध्य विद्यालय शंकरपुर चौवनिया, नाथनगर, को इस वर्ष राजकीय शिक्षक सम्मान 2025 के लिए चुना गया है। फरवरी 2014 से इस विद्यालय में सेवा दे रहीं डॉ. शालिनी जनवरी 2025 से विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति समर्पण, नवाचार और सामाजिक जुड़ाव ने उन्हें शिक्षकों के बीच विशेष स्थान दिलाया है।

शिक्षा से समाज परिवर्तन की सोच

डॉ. शालिनी बच्चों को रोचक और वास्तविक जीवन से जुड़ी पद्धति से पढ़ाती हैं। उनके द्वारा तैयार की गई अधिगम सामग्री “लो-कॉस्ट, नो-कॉस्ट” की तर्ज पर आधारित होती है। वे केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि विद्यालय के पोषक क्षेत्र में महिलाओं और किशोरियों के बीच भी जागरूकता फैलाती हैं—मासिक धर्म स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर उन्होंने सामाजिक स्तर पर भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

मास्टर ट्रेनर तक का सफर

साधारण शिक्षिका से राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर तक का उनका सफर प्रेरणादायी है। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की शिक्षक संदर्शिका के निर्माण में उनका लेखन व संपादन कार्य सराहा गया। भागलपुर डायट द्वारा तैयार किए गए विभिन्न दीक्षा कोर्स और खेलो, बोलो, भाषा सीखो जैसे प्रोजेक्ट्स में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।

नवाचार और नेतृत्व

वे टीचर्स ऑफ बिहार मंच की सक्रिय मॉडरेटर हैं और जिलेभर के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से जुड़े व्हाट्सएप समूह का संचालन करती हैं, जिससे शिक्षा विभाग की योजनाएं सीधे विद्यालय तक पहुँचती हैं। उनके नवाचार और शिक्षण पद्धतियों को न केवल जिला बल्कि राज्य स्तर पर भी सराहना मिली है।

लेखन और सामाजिक कार्य

शिक्षण के साथ-साथ वे लेखन में भी सक्रिय हैं। उनकी कविताएं, कहानियां और आलेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होते रहते हैं। उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

सम्मान और बधाई की लहर

विद्यालय के प्रधानाध्यापक परेश कुमार झा सहित सभी सहकर्मी शिक्षकों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी। नाथनगर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कुमार मनोज और अन्य अधिकारियों ने भी गर्व व्यक्त किया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. शिवनाथ रविदास ने उन्हें “सावित्रीबाई फुले और मां सरस्वती सदृश शिक्षिका” बताया।

व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

डॉ. शालिनी का मायका बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के खरदोरी गाँव में है, जबकि ससुराल खगड़िया जिले के परवत्ता प्रखंड के ठुठ्ठी सिरजापुर गाँव में है। वर्तमान में वे विवेकानंद कॉलोनी, किलाघाट सराय, भागलपुर में निवास करती हैं। परिवार में पिता विनोदानंद शर्मा (सेवानिवृत्त वाइस प्रिंसिपल), माता प्रभा कुमारी (समाजसेविका), पति रघुवंश मणि (व्यवसायी) और ससुर अच्युतानंद सिंह (कृषक) शामिल हैं।


यह सम्मान न केवल डॉ. शालिनी की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भागलपुर जिले के शिक्षा जगत के लिए भी गौरव की बात है।


 

  • ये भी पढ़े..

    नेपाल में लगातार बारिश का असर, भागलपुर में गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 30 सेंटीमीटर से अधिक बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

    Share Add as a preferred…