द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर
भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार को जगदीशपुर प्रखंड की बैजानी पंचायत का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए कड़े निर्देश दिए। गौरतलब है कि जगदीशपुर प्रखंड ‘आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम’ के अंतर्गत चयनित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन विशेष रूप से सक्रिय है।
जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत क्षेत्र के तालाबों, कुओं और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का जायजा लिया। उन्होंने तालाबों के सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य को देखते हुए कहा कि जल संरक्षण की योजनाएं ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन कार्यों में न केवल तेजी लाई जाए, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
ग्रामीणों को मिलेगी सौगात: जल्द बनेगा विवाह मंडप
बैजानी पंचायत के निवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवन के निकट प्रस्तावित विवाह मंडप निर्माण हेतु चयनित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- विवाह मंडप का निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
- इस मंडप के बनने से स्थानीय ग्रामीणों को सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक स्थान मिल सकेगा।
आकांक्षी प्रखंड के मानकों पर सुधार की हिदायत
चूंकि जगदीशपुर एक आकांक्षी प्रखंड है, इसलिए डीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि इन संकेतकों (Indicators) में अपेक्षित सुधार दिखना चाहिए ताकि प्रखंड विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा हो सके।
निरीक्षण में शामिल रहे आला अधिकारी
डीएम के इस दौरे में प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। इस अवसर पर:
-
- उप विकास आयुक्त (DDC) श्री प्रदीप कुमार सिंह
- सहायक समाहर्ता श्री जतिन कुमार
- अपर समाहर्ता श्री दिनेश राम
- अपर समाहर्ता (विधि व्यवस्था) श्री राकेश रंजन
- सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री विकास कुमार
- जिला पंचायत राज पदाधिकारी एवं प्रखंड के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम का संदेश: “विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जनभागीदारी अनिवार्य है। अधिकारी सुनिश्चित करें कि हर योजना का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे।”


