आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

भागलपुर, जिले में चल रही आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर सोमवार को समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की, जिसमें आधारभूत संरचना से जुड़े विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि भागलपुर जिले के अंतर्गत संचालित विभिन्न आधारभूत संरचना एवं विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा और इसके लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आपसी समन्वय की कमी से लंबित योजनाओं पर नाराजगी
समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि कुछ योजनाएं विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करें और आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विस्तृत कार्य योजना तैयार करें, ताकि योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जा सके।

17.14 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण पर विशेष निर्देश
पथ निर्माण विभाग कार्य प्रमंडल, भागलपुर तथा विद्युत आपूर्ति शहरी एवं पूर्वी भागलपुर को निर्देश दिया गया कि भागलपुर से गोराडीह होते हुए कोतवाली तक 17.14 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण कार्य के लिए स्थल निरीक्षण कर विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित प्राक्कलन तैयार करें और योजना को शीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें।

भोलानाथ पुल निर्माण में तेजी लाने का आदेश
बैठक में भोलानाथ पुल के निर्माण कार्य को लेकर भी चर्चा की गई। इस संबंध में वरीय परियोजना अभियंता, बुडको निर्माण भागलपुर तथा परियोजना निदेशक, बुडको को निर्देश दिया गया कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य 26 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।

भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी योजना में भूमि से संबंधित समस्या उत्पन्न होती है तो संबंधित कार्यपालक अभियंता अंचलाधिकारी से पत्राचार करें। यदि वहां समाधान नहीं होता है तो पहले भूमि सुधार उपसमाहर्ता से समन्वय स्थापित करें और उसके पश्चात अपर समाहर्ता, राजस्व के समक्ष मामला प्रस्तुत करें।

औचक निरीक्षण और गुणवत्ता पर विशेष जोर
सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में क्रियान्वित योजनाओं का समय-समय पर औचक निरीक्षण करें और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने कहा कि आधारभूत संरचना को मजबूत बनाना जिले के समग्र विकास के लिए आवश्यक है और इस दिशा में सभी विभागों को आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, भागलपुर

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