
भागलपुर (सुल्तानगंज) —अजगैबीनाथ धाम में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सुल्तानगंज प्रखंड के 10 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। हजारों घर गंगा में डूबने से लोगों के सामने भोजन-पानी का संकट खड़ा हो गया था।
जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के निर्देश पर प्रशासन ने घोरघट से किशनपुर पंचायत तक लगभग 34 सामुदायिक किचन शुरू किए हैं।
स्थल निरीक्षण और जनसंपर्क
सोमवार को जिला परिषद सदस्या आशा जायसवाल और अंचल राजस्व पदाधिकारी ने इन सामूहिक किचन शिविरों का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों से भोजन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
भोजन उपलब्ध, लेकिन चारा और स्वास्थ्य सुविधा की कमी
निरीक्षण के बाद आशा जायसवाल ने मीडिया को बताया कि
“बाढ़ प्रभावित सभी लोगों को सामूहिक किचन से भोजन मिल रहा है, लेकिन पशुओं के लिए चारा उपलब्ध नहीं है और न ही स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। इसके लिए जिला प्रशासन से मांग की गई है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।”
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान दर्जनों बाढ़ प्रभावित लोग और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद थे। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, और प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुविधाएं जल्द पहुंचाई जाएंगी।


