लॉज में चल रहा था गन्दा काम, बिहार के भागलपुर में से’क्स रैकेट का भंडाफोड़, पुलिस ने मारा छापा

बिहार के भागलपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है बताया जाता है कि छापामारी करने के दौरान बिहार पुलिस ने सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इंडिया में चल रही खबरों के अनुसार बिहार पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर जानकारी मिली थी कि एक लॉज में कुछ लोग गंदे काम को अंजाम दे रहे हैं. फिर क्या था पुलिस ने टीम गठित कर छापेमारी की तो लॉज से तीन लड़की और 9 लड़कों को गिरफ्तार किया गया है।

बरारी थाना क्षेत्र के हनुमान घाट रोड में रविवार की शाम पुलिस ने छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। पुलिस ने वहां से तीन लड़कियों को बरामद किया है जबकि उनके साथ कमरे में पकड़े गए तीन ग्राहकों को गिरफ्तार किया गया है। जिस मकान में पुलिस ने छापेमारी की है वह हृदयेश उर्फ सिंटू मिश्रा का है। वहीं सेक्स रैकेट का संचालन कर रहा था।

तीनों ग्राहकों को लड़कियों के साथ कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। वहां से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया गया है। डीएसपी सिटी अजय कुमार चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने छापेमारी की। टीम में मोजाहिदपुर थानेदार इंस्पेक्टर सुबोध कुमार, लॉ एंड ऑर्डर इंस्पेक्टर एसके सुधांशु, बरारी थानेदार आशुतोष कुमार, एसआई सूरज भूषण सहित महिला पदाधिकारी और जवान शामिल थे।

कटिहार से बुलाई गई थीं लड़कियां, पटना नंबर की गाड़ी से पहुंचे थे ग्राहक इस मकान में अनैतिक देह व्यापार होने की सूचना पर पुलिस छापेमारी के लिए पहुंची तो पता चला कि वहां मौजूद तीन लड़कियों में दो कटिहार की हैं। एक लड़की के इसी जिले की होने की बात कही गई है। गिरफ्तार किए गए तीन ग्राहकों में दो कहलगांव के बताए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि ग्राहक पटना के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली कार से वहां पहुंचे थे। उस कार भी जब्त कर लिया गया है और उक्त मकान को भी फिलहाल सील किया गया है। छापेमारी के दौरान मकान मालिक वहां नहीं था, वह मौका देखकर भाग निकला था।

अक्सर लाई जा रहीं थी लड़कियां, खुफिया दरवाजा भी बना रखा था पुलिस की जांच में यह पता चला है कि उक्त मकान में अक्सर लड़कियां लाई जा रही थीं। उस मकान के दो कमरों में आसपास काम करने वाले मजदूर रहते हैं जबकि अन्य कमरों का इस्तेमाल अनैतिक देह व्यापार के लिए ही किया जा रहा था। मकान में एक खुफिया दरवाजा भी बना रखा था। बाहर से किसी प्रकार का खतरा होने पर उसी दरवाजे का इस्तेमाल वहां से भाग निकलने के लिए किया जाना था। पुलिस को पहले ही इसकी सूचना मिल गई थी, इसलिए उस दरवाजे को पहले ही बंद कर दिया गया था।

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