
मुख्य बिंदु:
- अभियान स्थल: साहिबगंज रेलवे स्टेशन, मालदा मंडल (पूर्व रेलवे)।
- मार्गदर्शन: मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह।
- उद्देश्य: यात्रियों को ‘रेलवन’ (RailOne) ऐप के प्रति जागरूक करना और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना।
- विशेष लाभ: डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकटों की बुकिंग पर 3% की नकद छूट।
- एकीकृत सेवा: जनरल, रिजर्वेशन और प्लेटफॉर्म टिकट सहित लाइव स्टेटस की सुविधा एक ही प्लेटफॉर्म पर।
साहिबगंज/मालदा। भारतीय रेलवे अपने परिचालन और यात्री सुविधाओं में तकनीकी समावेश के जरिए एक नए युग की सूत्रपात कर रही है। प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को धरातल पर उतारने और रेलवे की टिकटिंग व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी व सुलभ बनाने की दिशा में पूर्व रेलवे का मालदा मंडल एक नई मिसाल पेश कर रहा है। शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को साहिबगंज रेलवे स्टेशन पर ‘RailOne’ ऐप को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति दिलाकर उनके स्मार्टफोन को ही ‘टिकट काउंटर’ में तब्दील करना है। मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम ने साहिबगंज स्टेशन पर यात्रियों के बीच एक नई उत्सुकता का संचार किया है।
‘रेलवन’ ऐप: एकीकृत डिजिटल समाधान की नई परिभाषा
रेलवे की सेवाओं में अब तक यात्रियों को अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग वेबसाइटों या मोबाइल एप्लीकेशन का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन ‘रेलवन’ ऐप ने इन तमाम बाधाओं को दूर कर दिया है। अभियान के दौरान वाणिज्य निरीक्षक और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों ने यात्रियों को विस्तार से बताया कि ‘RailOne’ कोई साधारण एप्लीकेशन नहीं है, बल्कि यह एक एकीकृत और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्लेटफॉर्म है।
इस ऐप की सबसे बड़ी खूबी इसका एकीकृत लॉग-इन सिस्टम है। यात्रियों को अब बार-बार अलग-अलग आईडी और पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं होगी। एक ही क्रेडेंशियल के माध्यम से यात्री अनारक्षित (सामान्य) टिकट, आरक्षित (रिजर्वेशन) टिकट और यहाँ तक कि प्लेटफॉर्म टिकट भी बुक कर सकते हैं। यह ऐप साहिबगंज जैसे व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों के लिए समय की बड़ी बचत करने वाला साबित होगा, जहाँ अक्सर टिकट खिड़कियों पर भारी भीड़ देखी जाती है।
फीचर्स की भरमार: टिकट से लेकर ट्रैक तक का साथ
साहिबगंज स्टेशन पर तैनात रेलवे के वाणिज्य कर्मियों ने यात्रियों को ऐप डाउनलोड करवाकर उसके विभिन्न फीचर्स का डेमो भी दिया। ‘रेलवन’ ऐप के जरिए मिलने वाली सुविधाओं की सूची काफी लंबी और प्रभावी है:
- लाइव ट्रेन रनिंग स्टेटस: यात्री रियल-टाइम में यह देख सकते हैं कि उनकी ट्रेन इस वक्त कहाँ है और कितनी देरी से चल रही है।
- पीएनआर स्थिति और कोच पोजीशन: टिकट की कन्फर्मेशन स्थिति के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा सकता है कि ट्रेन में आपका कोच इंजन से कितनी दूर और किस स्थान पर लगेगा।
- प्लेटफॉर्म की जानकारी: स्टेशन पहुँचने से पहले ही यात्री यह जान सकेंगे कि उनकी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म नंबर पर आने वाली है, जिससे अंतिम समय की आपाधापी से बचा जा सके।
- रिफंड और फीडबैक: टिकट निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) के बाद धनवापसी की स्थिति को ट्रैक करना अब और भी आसान हो गया है। साथ ही, यात्री अपनी यात्रा के दौरान किसी भी समस्या या सुझाव के लिए ऐप के माध्यम से सीधा फीडबैक भी दे सकते हैं।
वित्तीय प्रोत्साहन: डिजिटल टिकट पर 3% की बचत
भारतीय रेलवे केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान करने वाले यात्रियों को आर्थिक लाभ भी दे रही है। अभियान के दौरान यात्रियों को विशेष रूप से जानकारी दी गई कि यदि वे ‘रेलवन’ ऐप के माध्यम से डिजिटल पेमेंट कर अनारक्षित (जनरल) टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें कुल किराये पर 3% की छूट प्रदान की जाएगी। यह कदम न केवल नकदरहित (Cashless) अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि दैनिक यात्रियों के लिए मासिक बचत का एक अच्छा जरिया भी बनेगा। रेलवे का मानना है कि छोटे-छोटे वित्तीय प्रोत्साहन ही लोगों को पुरानी आदतों को छोड़कर तकनीक की ओर आकर्षित करने में मदद करते हैं।
साहिबगंज स्टेशन पर जमीनी हलचल: यात्रियों का उत्साह
शुक्रवार सुबह जब साहिबगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालय में रेलवे के कर्मचारी ‘RailOne’ की तख्तियां और मोबाइल लेकर पहुंचे, तो यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। वाणिज्य विभाग की टीम ने केवल मौखिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि बुजुर्गों और तकनीकी रूप से कम जानकार यात्रियों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करवाया और उन्हें टिकट बुक करने की पूरी प्रक्रिया समझाई।
वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी दैनिक यात्रा को ‘स्मार्ट यात्रा’ में बदलें। स्टेशन पर उपस्थित कई यात्रियों ने इस पहल की सराहना की। एक दैनिक यात्री ने बताया कि अक्सर जनरल टिकट लेने के चक्कर में ट्रेन छूटने का डर बना रहता है, लेकिन अब मोबाइल से ही टिकट बुक होने से वे चैन की सांस ले सकेंगे। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म टिकट के लिए भी अब खिड़की पर लाइन लगाने की मजबूरी खत्म हो गई है।
मालदा मंडल की दूरगामी सोच और भविष्य की योजनाएं
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में मालदा मंडल पिछले कुछ समय से यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दे रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह के अनुसार, साहिबगंज में आयोजित यह अभियान एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में मंडल के अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों जैसे जमालपुर, भागलपुर और मालदा टाउन पर भी इसी तरह के सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले छह महीनों के भीतर कम से कम 50% से अधिक अनारक्षित टिकट डिजिटल माध्यमों से बुक हों। इससे न केवल स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में आसानी होगी, बल्कि टिकट काउंटर पर तैनात कर्मचारियों के कार्यभार में भी कमी आएगी, जिससे वे अन्य यात्री सहायता कार्यों में अधिक समय दे सकेंगे।
स्मार्ट यात्रा की ओर बढ़ता कदम
साहिबगंज स्टेशन पर आयोजित यह ‘RailOne’ जागरूकता अभियान केवल एक ऐप का प्रचार नहीं है, बल्कि यह बदलते भारत की बदलती रेलवे की तस्वीर है। “एक ऐप, सेवाएँ अनेक” का यह मंत्र यात्रियों के सफर को सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। नकदरहित लेन-देन और समय की बचत के साथ-साथ 3% की छूट जैसे आकर्षण निश्चित रूप से आम यात्रियों को इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनाएंगे। मालदा मंडल की यह पहल सराहनीय है और यह उम्मीद जगाती है कि भविष्य में रेल यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सहज और तकनीक-युक्त सुखद अनुभव होगी।


