बिहार में डिजिटल फर्जीवाड़ा: ‘डॉग बाबू’ के नाम पर बना आवास प्रमाण-पत्र, एक निलंबित, एक सेवा मुक्त

पटना, 28 जुलाई।बिहार की डिजिटल व्यवस्था में लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल से एक फर्जी नाम “डॉग बाबू” के नाम पर आवास प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत राजस्व अधिकारी को निलंबित करने की अनुशंसा की है, जबकि एक आईटी सहायक को सेवा से मुक्त कर दिया गया है।

बिना सत्यापन के जारी हुआ प्रमाण-पत्र

जांच में सामने आया है कि दिल्ली की एक महिला के आधार कार्ड का उपयोग कर 15 जुलाई को ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों का कोई भौतिक या डिजिटल सत्यापन नहीं हुआ और प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया।

जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

जैसे ही यह मामला उजागर हुआ, पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि आईटी सहायक और राजस्व अधिकारी दोनों ने नियमों की अनदेखी करते हुए डिजिटल हस्ताक्षर कर प्रमाण-पत्र जारी किया। इसके बाद:

  • राजस्व अधिकारी मुरारी चौहान को निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
  • आईटी सहायक को सेवा से मुक्त कर दिया गया।
  • फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है।

कानूनी कार्रवाई और भविष्य की रोकथाम

मसौढ़ी थाने में इस मामले को लेकर अज्ञात आवेदक और संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 336(3), 338 और 340(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की संभावना है।

आवास प्रमाण-पत्र रद्द, एआई सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी

‘डॉग बाबू’ के नाम से जारी किया गया आवास प्रमाण-पत्र रद्द कर दिया गया है। बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी ने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि NIC के सर्विस प्लस पोर्टल पर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार जल्द ही इस पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करने जा रही है, जिससे इस तरह की गड़बड़ियों की पूर्व में ही पहचान और रोकथाम संभव हो सके।


यह मामला न केवल सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब सरकार डिजिटल फर्जीवाड़े को लेकर कोई समझौता नहीं करने वाली है।


 

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी मामले में नया मोड़, न्याय की मांग करने वाले सिपाही आशीष तिवारी सस्पेंड

    Share Add as a preferred…

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, परिजनों ने लगाया धमकी और केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *