देवघर में महाशिवरात्रि पर उतरेगा ‘देवलोक’: 15 फरवरी को निकलेगी ऐतिहासिक शिव बारात; ‘साइबर दैत्य’ और 12 ज्योतिर्लिंग होंगे आकर्षण का केंद्र

  • भव्य आयोजन: 15 फरवरी की शाम 6 बजे केकेएन स्टेडियम से निकलेगी बाबा भोलेनाथ की बारात; पूरे शहर को स्पाइरल लाइटों से सजाया गया।
  • अनोखी झांकियां: बारात में ‘साइबर दैत्य’ के जरिए साइबर अपराध पर वार; एक साथ होंगे 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, भूत-प्रेत और अघोरी बढ़ाएंगे शोभा।
  • 32 साल का इतिहास: 1994 में राजकुमार शर्मा की पहल से शुरू हुई थी यह परंपरा; तब हड़ताली सफाईकर्मियों ने भी श्रमदान कर शहर चमकाया था।

द वॉयस ऑफ बिहार (देवघर डेस्क)

​द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर (Deoghar) महाशिवरात्रि के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। इस वर्ष 15 फरवरी (रविवार) को यहां ऐतिहासिक शिव बारात निकाली जाएगी, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

रूट और भव्यता

​शिव बारात शाम 6 बजे केकेएन स्टेडियम से शुरू होगी।

  • मार्ग: यह बारात बजरंगी चौक, टावर चौक, आजाद चौक, भैरो बाजार, नरसिंह टॉकीज रोड, शिक्षा सभा और चांदनी चौक होते हुए मंदिर के पूर्वी द्वार से प्रवेश करेगी।
  • लवाजमा: बारात में 15 से 20 तासा दल, बैंड पार्टी, भांगड़ा दल, घोड़े-ऊंट और सांस्कृतिक टीमें शामिल होंगी। छऊ और लोकनृत्य की प्रस्तुतियां माहौल को भक्तिमय बनाएंगी।

झांकियों में सामाजिक संदेश

​इस बार की शिव बारात में परंपरा के साथ-साथ आधुनिक समस्याओं पर भी चोट की जाएगी।

  • साइबर दैत्य: देवघर और जामताड़ा क्षेत्र में साइबर अपराध की समस्या को देखते हुए जागरूकता के लिए ‘साइबर दैत्य’ की विशेष झांकी तैयार की गई है।
  • धर्म और संस्कृति: श्रद्धालुओं को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होंगे। इसके अलावा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘कलयुग थीम’, ‘कल्कि अवतार’ और भगवान गणेश की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

इतिहास: जब हड़ताल में भी हुई थी सफाई

​देवघर की शिव बारात का इतिहास 32 साल पुराना है। 1994 से पहले यहां बारात नहीं निकलती थी। राज कुमार शर्मा की पहल पर 10 मार्च 1994 को पहली बार बारात निकाली गई थी।

उस समय नगरपालिका के सफाईकर्मी हड़ताल पर थे, लेकिन राजनारायण खवाड़े के अनुरोध पर उन्होंने हड़ताल के बावजूद शहर की सफाई की थी, जो अपने आप में एक मिसाल है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

​उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि मेला क्षेत्र और बारात मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। पर्यटन विभाग और स्थानीय समाजसेवी अभिषेक झा के नेतृत्व में तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

बाबा बैद्यनाथ की यह बारात आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम है।

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