“बिहार चुनाव में हार के बावजूद तेज प्रताप यादव नहीं रुके, यूपी और बंगाल में चुनाव लड़ने का ऐलान”

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद तेज प्रताप यादव, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के संरक्षक, हतोत्साहित नहीं हैं। नई पार्टी के साथ बिहार में चुनाव लड़ने के बाद भी तेज प्रताप ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी यूपी और पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ेगी।

हार से नहीं हारे, बल्कि मजबूत हुए

तेज प्रताप यादव ने कहा, “हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। मैं हतोत्साहित नहीं हूं, बल्कि पहले से अधिक ऊर्जा के साथ राजनीति में सक्रिय हूं।” उनका मानना है कि चुनावी हार उनके राजनीतिक हौसले को कम नहीं कर सकती।

पार्टी विस्तार और सदस्यता अभियान

तेज प्रताप ने बताया कि जनशक्ति जनता दल न केवल बिहार में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार कर रही है।

  • पार्टी का सदस्यता अभियान लगातार जारी है।
  • पटना में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को भी सदस्यता दिलाई।
  • दूसरी पार्टियों के कई नेता भी अब उनके दल में शामिल हो रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी

पार्टी ने हाल ही में दिल्ली में अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। तेज प्रताप ने कहा कि यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार के लिए अहम है।

भविष्य की चुनावी रणनीति

तेज प्रताप यादव ने घोषणा की कि उनकी पार्टी:

  • 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी।
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा लेगी।
    उन्होंने कहा कि बिहार में विपक्ष कमजोर है, इसलिए उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी और जल्द ही पूरे बिहार में यात्रा कर लोगों की समस्याएं सुनेगी।

भाई तेजस्वी पर तंज और बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी

इंटरव्यू में तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा और कहा कि कुछ नेता हार के बाद स्थिर हो गए हैं, जबकि वह सक्रिय हैं।
बुलडोजर कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि गरीबों के मकान तोड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, खासकर सर्दियों में।

जनता के बीच सक्रियता

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और सदस्यता लेने वालों की भीड़ उमड़ रही थी। तेज प्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह सक्रिय है और राष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती से काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि जब कई पार्टियों के नेता गायब हैं, तब उनकी पार्टी जनता के बीच मौजूद है


 

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