भागलपुर | 28 फरवरी, 2026: भारत के प्रथम राष्ट्रपति और सादगी की प्रतिमूर्ति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर आज भागलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें नमन किया। भागलपुर के पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहाँ ‘राजेंद्र बाबू’ के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया गया।
पुष्पांजलि और संकल्प: “आदर्शों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि”
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया:
- सादगी और विद्वता: वक्ताओं ने कहा कि बिहार की माटी के लाल राजेंद्र बाबू ने न केवल आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत के प्रथम नागरिक के रूप में संवैधानिक मूल्यों को नई ऊँचाई दी।
- राष्ट्र निर्माण: कार्यकर्ताओं ने उनके उस दौर को याद किया जब उन्होंने राष्ट्रपति पद पर रहते हुए भी अपनी जड़ों और सादगी को कभी नहीं छोड़ा।
मौके पर मौजूद प्रमुख कार्यकर्ता
इस श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस के कई सक्रिय सदस्य और स्थानीय नेता शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नाम शामिल रहे:
- अभय आनंद झा
- सोइन अंसारी
- चिक्कू
- तथा अन्य गणमान्य कार्यकर्ता।
सभा के अंत में सभी ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और डॉ. प्रसाद के लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने की शपथ ली।
VOB का नजरिया: केवल रस्म नहीं, ‘राजेंद्र बाबू’ के मूल्यों की जरूरत
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केवल एक पद का नाम नहीं, बल्कि एक विचार का नाम हैं। आज के दौर में जब राजनीति में सादगी कम और दिखावा ज्यादा हो गया है, तब राजेंद्र बाबू जैसे महापुरुषों की पुण्यतिथि मनाना केवल एक रस्म नहीं होनी चाहिए। उनके बौद्धिक और नैतिक मूल्यों को आज के युवाओं तक पहुँचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


