देवघर-सरायगढ़ स्पेशल ट्रेन को मिली बड़ी राहत: 15 जुलाई तक रोजाना चलेगी सेवा, बिहार-झारखंड के यात्रियों को होगा सीधा फायदा

कोलकाता/देवघर, 29 मई 2026। बिहार और झारखंड के लाखों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्व रेलवे ने देवघर और सरायगढ़ के बीच संचालित विशेष ट्रेन सेवा के परिचालन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह ट्रेन अब 15 जुलाई 2026 तक नियमित रूप से संचालित की जाएगी। इस निर्णय से न केवल यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी, बल्कि आगामी श्रावणी मेले और बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए रेलवे नेटवर्क पर पड़ने वाले दबाव को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई सप्ताहों से इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। गर्मी की छुट्टियों, धार्मिक यात्राओं और क्षेत्रीय आवागमन की वजह से ट्रेन में सीटों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक देखी जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने विशेष ट्रेन सेवा की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है।

1 जून से 15 जुलाई तक चलेगी विशेष सेवा

पूर्व रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, गाड़ी संख्या 05573 सरायगढ़-देवघर स्पेशल तथा गाड़ी संख्या 05574 देवघर-सरायगढ़ स्पेशल का संचालन 1 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस अवधि के दौरान दोनों दिशाओं में ट्रेन प्रतिदिन संचालित होगी।

रेलवे के अनुसार, विस्तार अवधि में दोनों ट्रेनों के कुल 45-45 फेरे लगाए जाएंगे। यानी यात्रियों को कुल 90 अतिरिक्त सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे बिहार के कोशी क्षेत्र और झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब रेलवे नेटवर्क पर अतिरिक्त यात्री दबाव की संभावना बढ़ रही है। यदि यह सेवा बंद कर दी जाती तो यात्रियों का भार अन्य एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों पर स्थानांतरित हो जाता, जिससे भीड़ और बढ़ सकती थी।

समय-सारणी और रूट में नहीं होगा कोई बदलाव

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन के परिचालन विस्तार के बावजूद इसके मार्ग, ठहराव और समय-सारणी में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन पहले की तरह निर्धारित रूट पर ही चलेगी और सभी स्वीकृत स्टेशनों पर पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ठहरेगी।

यह निर्णय यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें अपनी यात्रा योजनाओं में किसी तरह का संशोधन नहीं करना पड़ेगा। नियमित यात्रियों, छात्रों, व्यवसायियों और तीर्थयात्रियों को पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही यात्रा करने की सुविधा मिलती रहेगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय-सारणी में स्थिरता बनाए रखने से ऑनलाइन टिकट बुकिंग, रिजर्वेशन प्रबंधन और ट्रेन ट्रैकिंग सिस्टम भी सुचारु रूप से कार्य करते रहेंगे। इससे यात्रियों को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

श्रावणी मेले से पहले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। हर वर्ष श्रावण माह के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में कांवरिए देवघर की यात्रा करते हैं।

सरायगढ़-देवघर रेल सेवा का विस्तार ऐसे समय में किया गया है जब श्रावणी मेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि जून और जुलाई के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि होगी। ऐसे में इस ट्रेन का संचालन जारी रहना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

कोशी क्षेत्र के सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर जाते हैं। पहले उन्हें कई ट्रेनों या बसों के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन इस विशेष सेवा ने यात्रा को काफी आसान बना दिया है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी इस सेवा को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

व्यापार और रोजगार से जुड़े लोगों को भी मिलेगा लाभ

यह ट्रेन केवल धार्मिक यात्रियों के लिए ही उपयोगी नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार और रोजगार से जुड़े हजारों लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम बन चुकी है। बिहार और झारखंड के बीच छोटे व्यवसाय, कृषि उत्पादों की आवाजाही तथा दैनिक रोजगार से जुड़े लोग इस सेवा का नियमित उपयोग करते हैं।

भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, बांका और आसपास के इलाकों के व्यापारी देवघर और उससे जुड़े बाजारों तक पहुंचने के लिए इस ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग बिहार के कई जिलों में व्यापारिक गतिविधियों के लिए यात्रा करते हैं।

स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने रेलवे के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विशेष ट्रेन के संचालन से परिवहन लागत कम रहती है और समय की भी बचत होती है। इससे छोटे व्यापारियों को विशेष लाभ मिलता है।

बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में मिलेगी मदद

रेलवे सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में इस रूट पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कई ट्रेनों में वेटिंग सूची लगातार लंबी हो रही थी। ऐसे में विशेष ट्रेन सेवा का विस्तार भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।

रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त फेरे उपलब्ध होने से यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी और अन्य प्रमुख ट्रेनों पर दबाव कम होगा। इससे यात्रा अनुभव बेहतर होगा और संचालन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनी रहेगी।

सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत

रेलवे प्रशासन ने ट्रेन सेवा के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित रेल मंडलों को अतिरिक्त निगरानी रखने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

ट्रेनों की साफ-सफाई, कोचों की तकनीकी जांच और स्टेशन परिसरों में यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त टिकट काउंटर और सहायता केंद्र सक्रिय रखे जाएंगे ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रेन के भीतर और स्टेशनों पर नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

यात्रियों में खुशी का माहौल

देवघर-सरायगढ़ विशेष ट्रेन के परिचालन विस्तार की घोषणा के बाद बिहार और झारखंड के यात्रियों में खुशी देखी जा रही है। नियमित यात्रा करने वाले लोगों का कहना है कि इस सेवा के जारी रहने से उन्हें बड़ी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से श्रावणी मेले के दौरान यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

रेलवे के इस फैसले को क्षेत्रीय संपर्क, धार्मिक पर्यटन और यात्री सुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले डेढ़ महीने तक इस ट्रेन के नियमित संचालन से लाखों यात्रियों को बेहतर यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा और दोनों राज्यों के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम बन सकेगा।

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