पटना, 22 जुलाई 2025: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने के बाद नए उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस बीच बिहार से एक चौंकाने वाली राजनीतिक पहल सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक हरिभूषण ठाकुर बछौल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाने की मांग की है।
भाजपा विधायक बछौल का बयान
मंगलवार को बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मीडिया से बात करते हुए हरिभूषण ठाकुर बछौल ने कहा,
“नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार की सेवा कर रहे हैं। उनके पास प्रशासनिक अनुभव, संसदीय परंपराओं की समझ और संतुलित नेतृत्व की क्षमता है। अब जबकि जगदीप धनखड़ जी ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है, केंद्र सरकार को नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बनाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
राजनीतिक हलचल के बीच नई चर्चा
यह मांग उस समय सामने आई है जब बिहार विधानसभा का मानसून सत्र भारी विरोध और राजनीतिक तनातनी के बीच चल रहा है। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सरकार पर हमलावर है। सदन के भीतर और बाहर दोनों ही जगह विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किए, जबकि भाजपा विधायक ने सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय राजनीति में भेजने की वकालत कर एक नई बहस छेड़ दी है।
नीतीश कुमार की संभावनाएं और सियासी समीकरण
नीतीश कुमार वर्तमान में जदयू के प्रमुख नेता हैं और महागठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई बार सत्तारूढ़ गठबंधनों को बदला है, जिससे उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता और संबंधों की प्रकृति पर बार-बार चर्चा होती रही है।
यदि उन्हें उपराष्ट्रपति बनाया जाता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन होगा और संभवतः राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत भी मानी जाएगी।
क्या कहते हैं जानकार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि केंद्र सरकार नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित करती है, तो इससे भाजपा को बिहार में एक नई सियासी जमीन तैयार करने का अवसर मिल सकता है, जबकि जदयू को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व मिलेगा।
उपराष्ट्रपति पद को लेकर नीतीश कुमार का नाम सामने आना बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत है। आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का रुख और नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया, दोनों पर नजर रहेगी।


