विधानसभा में उग्र विपक्ष: नीतीश पर कागज फेंका, सदन में कुर्सी उठाकर बवाल

बिहार विधानसभा में विपक्ष का हंगामा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग को लेकर बवाल

पटना | 22 जुलाई 2025: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर कागज फेंकने, कुर्सी उठाकर विरोध जताने, और वेल में पहुंचकर प्रदर्शन करने जैसे अप्रत्याशित दृश्य देखने को मिले।

तेजस्वी यादव ने उठाया लोकतंत्र पर खतरे का मुद्दा

सदन की कार्यवाही जब दोपहर 2 बजे शुरू हुई, तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण पर तत्काल चर्चा की मांग उठाते हुए कहा कि,

“बिहार लोकतंत्र की जननी है, लेकिन आज इसी बिहार में लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास हो रहा है। चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर के तहत जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वह वोटरों के हित में नहीं है। अगर वोटर सूची से नाम ही कट जाएंगे तो लोकतंत्र का क्या अर्थ रह जाएगा?”

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विषय सदन में चर्चा लायक है, क्योंकि विधानसभा में पहुंचे सभी सदस्य जनता द्वारा चुने गए हैं।

अध्यक्ष ने चर्चा कराने से किया इनकार, विपक्ष भड़का

विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने तेजस्वी यादव की मांग को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि,

“सत्र की शुरुआत में हमने आपके सदस्यों को बोलने का अवसर दिया था, लेकिन उन्होंने व्यवस्था बाधित की।”

इसके बाद विपक्षी दलों ने सदन के भीतर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में मौजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर कागज फेंका गया, वहीं कुछ सदस्यों ने कुर्सियां उठाकर वेल में बवाल किया। स्थिति अराजक होती देख मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और कुर्सियों को वापस लेना पड़ा।

कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, फिर दोबारा हंगामे में डूबी

पहली बार कार्यवाही शुरू होने के सिर्फ 21 मिनट बाद ही अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो फिर से विपक्षी सदस्य पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों को फटकार लगाते हुए कहा,

“आपकी मंशा चर्चा की नहीं, केवल हंगामा करने की है। आपको जनता की बात से कोई लेना-देना नहीं है।”

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