
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके ग्रीन पार्क से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने दिल्ली न्यायिक सेवा और विधिक हलकों में सनसनी फैला दी है। शनिवार, 02 मई 2026 को सफदरजंग एन्क्लेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाले 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा ने अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान कड़कड़डूमा कोर्ट स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में सचिव के पद पर कार्यरत अधिकारी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और न्यायिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। शुरुआती जांच के अनुसार, जज का शव उनके घर के अंदर पंखे से लटका हुआ मिला। इस खबर के बाद से इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
घटना का विवरण: पंखे से लटका मिला शव
पुलिस प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमन कुमार शर्मा ग्रीन पार्क मेन स्थित भवन संख्या यू-4ए के प्रथम तल पर रहते थे। शनिवार दोपहर को दिल्ली पुलिस को घटना के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुँची।
- सूचना प्रदाता: घटना की जानकारी डिफेंस कॉलोनी निवासी मृतक के जीजा शिवम ने पुलिस को दी।
- दृश्य: जब पुलिस घर के भीतर दाखिल हुई, तो जज अमन कुमार शर्मा का शव उनके कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया।
- पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने शव को नीचे उतारकर अपने कब्जे में लिया और साक्ष्य जुटाने के लिए घटनास्थल को सुरक्षित किया।
पेशेवर सफर: 2021 में शुरू की थी न्यायिक सेवा
अमन कुमार शर्मा एक मेधावी न्यायिक अधिकारी थे और उनका करियर काफी प्रभावशाली रहा था। उन्होंने बहुत कम समय में दिल्ली न्यायिक सेवा में अपनी पहचान बनाई थी:
- शिक्षा: उन्होंने पुणे स्थित प्रतिष्ठित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की थी और वर्ष 2018 में अपनी बी.ए. एलएलबी की डिग्री हासिल की।
- योगदान: अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) में अपना योगदान दिया था।
- अनुभव: अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट और न्यायाधीश के रूप में विभिन्न अदालतों में दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई की।
- हालिया पदस्थापना: अक्टूबर 2025 में उन्होंने कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में उत्तर-पूर्वी जिले के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पूर्णकालिक सचिव के रूप में कार्यभार संभाला था।
जांच की स्थिति: साजिश के संकेत नहीं
घटना के कारणों को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है, क्योंकि मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- साजिश का पहलू: पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के निरीक्षण में किसी भी तरह की साजिश या ‘फाउल प्ले’ के संकेत नहीं मिले हैं।
- पोस्टमार्टम: शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मृत्यु के सटीक समय और कारणों का वैज्ञानिक विवरण मिल सके।
- पूछताछ: पुलिस अब मृतक के परिजनों, करीबी दोस्तों और कड़कड़डूमा कोर्ट के सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे किसी मानसिक तनाव या निजी समस्या से गुजर रहे थे।
जज अमन कुमार शर्मा के इस आत्मघाती कदम से उनके सहयोगी और कानून के जानकार हैरान हैं। कड़कड़डूमा कोर्ट में उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों ने उन्हें एक मृदुभाषी और अपने काम के प्रति समर्पित न्यायाधीश बताया है। पुलिस सभी तकनीकी और पारिस्थितिकीय पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।


