बिहार में जानलेवा गर्मी; लू लगने से अबतक 59 की मौत, मतदानकर्मी की भी गई जान

बिहार में आसमान से आग बरस रहा है। आलम यह है कि सुबह 9 बजे का तापमान 40 डिग्री पहुंच रहा है। झुलसाने वाली गर्म हवा के थपेड़ों से भी आम-खास सब हलकान हैं। ऐसे में गर्मी की वजह से गुरुवार को राज्य में 59 लोगों की मौत हुई। इनमें पटना के 11 शामिल हैं। औरंगाबाद में 15, भोजपुर में 10, रोहतास में आठ, कैमूर में पांच, गया में चार, मुजफ्फरपुरमें दो, बेगूसराय, बरबीघा, जमुई और सारण में एक -एकव्यक्ति की जान गई। इससे पहले बुधवार  को भी लू से आठ लोगों की मौत हुई थी।

मिली जानकारी के अनुसार, पटना जिले के अलग-अलग जगहों पर लू लगने से एक मतदानकर्मी, दो महिला समेत 11 लोगों की मौत हो गई। गुरुवार की शाम चार बजे दीघा इलाके में एक 65 साल की महिला की जान चली गई। जबकि सुबह के वक्त बुद्धा कॉलोनी थानांतर्गत जेपी सेतु पर एक हाइवा चालक ने दम तोड़ दिया।

इसके अलावा दानापुर स्टेशन पर दो, मसौढ़ी में दो लोगों की मौत भी लू से हुई। बाढ़ स्टेशन पर जहां उत्तर प्रदेश की एक महिला यात्री की जान चली गई, वहीं मोकामा स्टेशन पर तबीयत खराब के बाद इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। घोसवरी में एक वृद्धि की जान भी लू ने ले ली। हालांकि लू से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं,  पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र में चुनाव कार्य में लगे मतदानकर्मी सुनील कुमार की मौत हो गई है। राज्य बीमा निगम का कर्मचारी सुनील पटना का रहने वाला था। मसौढ़ी के एसडीओ अमित कुमार पटेल ने बताया कि मतदान सामग्री लेकर वह पोलिंग पार्टी के साथ निकला था। बाहर निकलने पर लू की चपेट में आने पर अचानक तबियत बिगड़ी। मसौढ़ी के निजी अस्पताल में इलाज के बाद पटना एम्स ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उधर, चुनाव ड्यूटी करने आये सात होमगार्ड जवानों की तबीयत लू लगने से बिगड़ गई। सभी को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इधर, सुबह में बहादुपुर धनुष सेतु पर तैनात यातायात पुलिस का सिपाही बेहोश हो गया। अस्पताल में इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य हुई। यातायात संचालन में तैनात एक और जवान की तबीयत खराब हो गई। मानसून अपने निर्धारित समय से एक दिन पहले 19 मई को दक्षिण अंडमान सागर पहुंचा था। इसके बाद से मानसून को लगातार अनुकूल परिस्थितियां मिलती रही। इसी कारण मानसून ने अपने निर्धारित समय से दो दिन पहले ही केरल में गुरुवार को दस्तक दे दी। इसके केरल पहुंचने का समय 1 जून था।

केरल में मानसून के दो दिन पहले दस्तक देने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बिहार में भी निर्धारित समय 15 जून या एक-दो दिन पहले पहुंच सकता है। मानसून के केरल पहुंचने का प्रभाव बिहार सहित देश के कई राज्यों में जल्द दिखने के आसार हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून आने से पहले बिहार में प्री-मानसून की बारिश हो सकती है।

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