भागलपुर | जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत कालीचरण मोहल्ला एक बार फिर बर्बरता और प्रशासनिक निष्क्रियता का गवाह बना है। दिल्ली से लौटे रजनीश राय के परिवार पर उनके ही गोतियों द्वारा लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनके दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद भी पीड़ित परिवार को थाने में न्याय नहीं मिला। रजनीश राय का आरोप है कि जब वे जोगसर थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की गुहार लगाई, तो पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया।
हमले के पीछे रंगदारी और धमकी की कहानी
पीड़ित रजनीश राय ने बताया कि उनके गोतिया पहले से ही उन पर दबाव बना रहे थे। आरोप है कि हमलावरों ने घर पर धावा बोलते हुए ₹10 लाख की रंगदारी मांगी और धमकी दी कि यदि वे यह इलाका नहीं छोड़ते हैं और घर नहीं बेचते, तो अंजाम और भी बुरा होगा। हमले में उनके भाइयों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में किया गया।
पुलिस की चुप्पी पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद जब पूरा परिवार लहूलुहान अवस्था में थाने पहुंचा, तो जोगसर थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। निराश होकर रजनीश राय ने भागलपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) और पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की।
डरा-सहमा है पूरा परिवार
फिलहाल, रजनीश राय का परिवार डरा-सहमा हुआ है और उन्हें अपनी जान की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि जबतक हमलावर खुलेआम घूमते रहेंगे और पुलिस चुप रहेगी, तबतक वे सुरक्षित महसूस नहीं कर सकते।
अब सबकी नजर वरीय पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया और कार्रवाई पर टिकी है। क्या पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करेगी या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?


