सुल्तानगंज (भागलपुर), 10 जुलाई 2025:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2025 की तैयारी को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। भागलपुर के डीडीसी प्रदीप कुमार और सीटी एसपी शुभांक मिश्रा ने बुधवार को नमामि गंगे घाट, उद्घाटन स्थल, रैन सेंटर, पार्किंग स्थल सहित अन्य प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 11 जुलाई से पहले सभी तैयारियाँ पूरी होनी चाहिए।
अतिक्रमण हटाने का सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने नमामि गंगे घाट पर लगे अतिक्रमित दुकानों को शीघ्र हटाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांवरियों की सुविधा में किसी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
नगर परिषद सभागार में हुई संयुक्त समीक्षा बैठक
निरीक्षण के उपरांत नगर परिषद सुल्तानगंज के सभागार में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रावणी मेला से जुड़ी सभी तैयारियों की समीक्षा की गई। डीडीसी प्रदीप कुमार ने कहा:
“कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
डीडीसी ने मीडिया से क्या कहा?
डीडीसी प्रदीप कुमार ने मेला को लेकर मीडिया से कहा:
“श्रावणी मेला 11 जुलाई से आरंभ होगा। इसके पूर्व गंगा घाट, उद्घाटन मंच, पार्किंग और कांवरिया पथ की सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। मेला उद्घाटन में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई मंत्रीगण शामिल होंगे।”
प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
निरीक्षण और बैठक के दौरान प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे:
- नगर सभापति: राज कुमार गुड्डू
- ट्रैफिक डीएसपी: आशीष सिंह
- डीआरडीए डायरेक्टर: दुर्गा शंकर
- एसडीओ: विकास कुमार
- डीएसपी: चंद्र भूषण कुमार
- थानाध्यक्ष: मृत्युंजय कुमार
- विडिओ: संजीव कुमार
- सीओ: रवि कुमार
- कार्यपालक पदाधिकारी: मृत्युंजय कुमार
- पंचायती राज पदाधिकारी: नीलिमा कुमारी
- सीटी मैनेजर: रविश वर्मा
- अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
प्रशासन इस बार श्रावणी मेला को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए गंभीरता से प्रयासरत है। ड्रोन से निगरानी, प्राथमिक उपचार केंद्र, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई और ट्रैफिक नियंत्रण जैसे सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
श्रावणी मेला 2025 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। प्रशासन की तैयारी यह संकेत देती है कि इस वर्ष का मेला बेहतर और व्यवस्थित अनुभव प्रदान करेगा।


