
प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड में, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी
भागलपुर, 09 जुलाई 2025: श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह और सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने सुल्तानगंज का दौरा किया। यह मेला 11 जुलाई से प्रारंभ होकर एक महीने तक चलेगा, जिसमें बिहार और झारखंड के अलावा देशभर से लाखों कांवरियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन हर स्तर पर सतर्क नजर आ रहा है।
घाटों और प्रमुख स्थलों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जहाज घाट, सीढ़ी घाट और अन्य प्रमुख घाटों का दौरा किया। इन स्थलों पर कांवरियों की आवाजाही, स्नान, पूजा और जल भराई की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
सुविधाओं की समीक्षा
अधिकारियों ने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया:
- पेयजल व्यवस्था: साफ पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए टंकी, पाइपलाइन और टैंकर की उपलब्धता की जांच की गई।
- साफ-सफाई: नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग को नियमित सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
- चेंजिंग रूम और टॉयलेट: घाटों के निकट चेंजिंग रूम, पब्लिक टॉयलेट और मोबाइल टॉयलेट की संख्या और उनकी सफाई की स्थिति की समीक्षा की गई।
- बैरिकेडिंग और मार्गदर्शन: भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और सूचना पट्टों की व्यवस्था की जा रही है।
यातायात, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
कांवर यात्रा के दौरान शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सिटी एसपी ने ट्रैफिक पुलिस को मार्ग डायवर्जन और वाहन पार्किंग की स्पष्ट योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर CCTV कैमरे, अतिरिक्त पुलिस बल, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।
आपदा प्रबंधन टीमों को भी सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
समन्वय और समयबद्धता पर विशेष जोर
डीडीसी ने स्पष्ट किया कि कांवर यात्रा बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी विभागों को आपसी समन्वय से निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मौजूद संबंधित अधिकारियों ने भी समय पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेने का आश्वासन दिया।
इन विभागों की रही उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान नगर परिषद, स्वास्थ्य विभाग, जल-निगम, विद्युत विभाग, यातायात पुलिस, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, सिविल डिफेंस और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


