
बिहार में सरकारी कार्यालयों में सक्रिय बिचौलियों और दलालों पर अब सरकार ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दिया है कि थानों, अंचल कार्यालयों और प्रखंड कार्यालयों में आम लोगों के काम के नाम पर दलाली करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
दलालों की पहचान कर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सरकारी कार्यालयों में कुछ लोग आम जनता और अधिकारियों के बीच बिचौलिये की भूमिका निभाते हैं और काम कराने के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलते हैं। ऐसे सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
CCTV से होगी सख्त निगरानी
सरकार ने अब थानों, अंचल और प्रखंड कार्यालयों में CCTV कैमरों के जरिए निगरानी बढ़ाने का फैसला लिया है। इससे कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि आम लोगों को सरकारी सेवाएं बिना परेशानी और बिना किसी बिचौलिये के सीधे मिलें।
विकसित बिहार के लक्ष्य पर फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में बिहार की अहम भूमिका होगी। इसके लिए राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्रों में तेजी से काम किया जा रहा है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लखपति दीदी योजना, जनधन योजना, DBT, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नल-जल योजना जैसी योजनाओं से आम लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की कोशिश
सरकार का कहना है कि तकनीक के उपयोग से प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा रहा है। CCTV निगरानी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नतीजा
सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से सरकारी दफ्तरों में दलालों पर रोक लगेगी और आम जनता को योजनाओं तथा सेवाओं का लाभ सीधे और आसानी से मिल सकेगा।


